मैगलगंज। कस्बे के गुलाब जामुन न सिर्फ जिले में, बल्कि पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। मिठास, नरमी और मिट्टी की हांडी की खास खुशबू के कारण नेशनल हाईवे से गुजरने वाले लोग यहां रुककर इन गुलाब जामुन का स्वाद जरूर लेते हैं।
मुख्यमंत्री के एक जिला एक व्यंजन की योजना हर जिले में लागू करने की बात कहने के बाद यहां के व्यापारियों में उम्मीद जगी है कि अगर मैगलगंज के गुलाब जामुन चुने गए तो व्यवसाय को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। कस्बे में गुलाब जामुन की करीब 50 से अधिक दुकानें संचालित हैं। रोजाना एक से डेढ़ लाख रुपये तक का कारोबार गुलाब जामुन की बिक्री से होता है। शादी-विवाह, त्योहार या कोई भी शुभ अवसर पर मैगलगंज का गुलाब जामुन पहली पसंद माना जाता है।
यहां से गुलाब जामुन की आपूर्ति हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान सहित पूरे देश में होती है। लोग इसे खास तौर से मिट्टी की हांडी में पैक कराकर ले जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और सुगंध दोगुनी हो जाती है। कुछ लोग तो इसे हवाई जहाज से विदेशों तक ले जाते हैं। देसी गाय के चिकने मावे से बनने और अच्छे से गर्म किए जाने के कारण यह गुलाब जामुन एक सप्ताह तक खराब नहीं होते।
84 साल पुरानी है मिठास की विरासत
मैगलगंज के निवासी श्यामलाल हलवाई ने वर्ष 1941 में गुलाब जामुन बनाने की शुरुआत की थी। उस समय वे कस्बे के चौराहे पर छप्पर के नीचे बैठकर इसे बनाते थे। उनके प्रपौत्र राहुल गुप्ता बताते हैं कि उस दौर में एक आने में 16 पीस गुलाब जामुन बिकते थे। आज यही मोहक स्वाद चौथी पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। वर्तमान में यहां का गुलाब जामुन 10 रुपये प्रति पीस और लगभग 400 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। देसी गाय का प्रति किलो चिकना मावे में लगभग 200 ग्राम मैदा, तीन से चार ग्राम सोडा, दो से 2.5 किलो चीनी की चासनी मिलाई जाती है। खास लोकप्रियता के कारण मैगलगंज के गुलाब जामुन को पिछले वर्ष जीआई टैग भी मिल चुका है।
यहां के गुलाब जामुन की मांग इतनी ज्यादा है कि रोज 40 से 50 किलो तक तैयार करना पड़ता है। मिट्टी की हांडी वाली पैकिंग सबसे ज्यादा लोग पसंद करते हैं। जीआई टैग मिलने के बाद ग्राहकों का भरोसा और बढ़ गया है।
राहुल गुप्ता, मिठाई विक्रेता
मैगलगंज के गुलाब जामुन की पहचान इसकी नरमी और देसी गाय के मावे की वजह से है। त्योहार के समय तो हालत यह होती है कि सुबह से रात तक कड़ाही चलती रहती है। कई ग्राहक तो विदेश ले जाने के लिए भी यहां से पैक कराते हैं।
नीरज गुप्ता, दुकानदार
मैगलगंज की एक दुकान पर कढ़ाई में रखे गुलाब जामुन। संवाद
मैगलगंज की एक दुकान पर कढ़ाई में रखे गुलाब जामुन। संवाद