निधि ने कहा कि जब से अमरमणि त्रिपाठी रिहा होकर जेल से बाहर आए हैं, तभी से हम लोगों को धमकियां मिल रही हैं। बता दें कि करीब 20 साल पहले कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या हो गई थी। इस मामले में जांच के बाद सीबीआई ने अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को दोषी पाया था। मामले की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। कई बार के ट्रायल और सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
हाल ही में 24 अगस्त 2023 को अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी को रिहा किया गया था। निधि का आरोप है कि अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी जेल से बचने के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के प्राइवेट वार्ड में भर्ती होकर कोर्ट को गुमराह कर रहे थे। इसको लेकर निधि ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। शहर कोतवाल अंबर सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी। जांच कराई जा रही है।