जिले भर में लोहड़ी परंपरागत रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। बसंत के आगमन पर मनाए जाने वाले इस पर्व पर धार्मिक आस्थाओं के साथ युवाओं की मौज-मस्ती भी दिखाई दी। शाम को पंजाबी कॉलोनी में सामूहिक लोहड़ी जलाई गई। महिलाओं ने इसकी परिक्रमा की और उसमें मक्के के दाने, मूंगफली और तिल के लड्डू अर्पित किए। बाद में एक दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं।
नवविवाहित जोड़ों में लोहड़ी को लेकर खास उत्साह दिखाई पड़ा। परंपरागत परिधानों में सजे नवविवाहित जोड़ों ने पंजाबी गीतों पर लोहड़ी के इर्दगिर्द जमकर नृत्य किया। भांगड़ा और गिद्दा नृत्यों से युवाओं ने समां बांध दिया। पूरी पंजाबी कॉलोनी पंजाबी गीतों की धुन से गूंजती रही। सामूहिक समारोह के बाद लोगों ने अपने घरों में भी जश्न मनाया और पकवानों का आनंद लिया।
सिख समुदाय के लोगों ने गुरुद्वारों में जाकर मत्था टेका। युवक-युवतियों ने एक दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और तिल के लड्डू और पकवान खिलाए। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा प्रबंधक कमेटी के महासचिव इंद्रपाल सिंह राना ने बताया कि लोहड़ी और होली आपस में बहनें हैं। यह त्योहार होली जैसे ही मस्ती के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार के जरिए बसंत का स्वागत होता है।