इंदिरा आवासों की तरह ही अब लोहिया आवासों के लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया भी बदल दी गई है। अब वर्ष 2011 में हुए सामाजिक, आर्थिक और जातिगत आंकड़ों को आधार बनाकर कच्चे और आवासहीन लोगों को लोहिया आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए जरूरी है कि लाभार्थी की वार्षिक आय 36 हजार रुपये हो। अधिकारियों को 15 जून तक गांवों में खुली बैठकें कर लाभार्थियों का चयन कर सूची देनी है।
परियोजना निदेशक डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि लोहिया आवास के लिए शासन से मिले दिशा-निर्देशों के संबंध में जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है। गणना में जो लोग किसी वजह से छूट गए हैं उनका फिर से सर्वे कराकर योजना का लाभ दिया जाएगा। शासन से तय मानकों के मुताबिक ग्राम पंचायतों में खुली बैठकें कर सामान्य वर्ग, पिछड़ी जाति, अल्पसंख्यक और एससीएसटी की चार सूचियां बनाई जाएंगी। शासन ने वर्ष 2015-16 में लोहिया ग्रामीण आवास योजना अंतर्गत लाभार्थियों के चयन के लिए जल्द समय सारिणी बनाने को कहा है। इसी क्रम में 15 जून तक हर हाल में ग्रामसभावार सूची तैयार कर परियोजना निदेशक को सौंपनी होंगी। ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त कमरान रिजवी ने अपने निर्देश में कहा है कि इंदिरा आवास और लोहिया आवास के चयन में नए पात्रता मानक को ही वरीयता दी जाए। बता दें कि इससे पहले लोहिया आवास के लाभार्थियों के चयन के लिए गांवों में खुली बैठकें तो की जाती थीं और पहले से तय मानकों के मुताबिक लाभार्थी का चयन होता था लेकिन इस बार गणना के आधार पर चिह्नित किए गए लोगों को ही लोहिया और इंदिरा आवास दिए जाने हैं। जिसमें चार सूचियां बनाई जानी जरूरी हैं। पीडी ने बताया कि गणना के आधार पर अभी इंदिरा आवास योजना के ही लाभार्थियों का सत्यापन कार्य चल रहा है। जल्द ही लोहिया आवासों के लाभार्थियों के चयन के लिए भी गांवों में खुली बैठकों का आयोजन कराकर पात्रता के हिसाब से चयन शुरू किया जाएगा। जिसके बाद वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।