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लोक लुभावन वादों की चासनी में घुल गए स्थानीय मुद्दे

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ारदा नदी पर बना पीपों का पुल - फोटो : LAKHIMPUR
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अखिलेश रस्तोगी
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महेवागंज। चुनावी चासनी में वादों के रसगुल्ले तैरने लगे हैं। नेताओ में जुबानी जंग छिड़ गई है। सपा, भाजपा, कांग्रेस और बसपा समेत कमोवेश सभी पार्टियों ने घोषणापत्र में खूब लोक लुभावन वादे किए है। स्कूटी, लैपटॉप, पेंशन बहाली, मुफ्त बिजली, राशन समेत कई तरह के वादों की झड़ी है। इन सबके बीच शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, परिवहन , बाढ़ कटान जैसे स्थानीय मुद्दे दबकर रह गए हैं।
श्रीनगर क्षेत्र में बाढ़ कटान एक बड़ी समस्या है। शारदा हर साल कहर बरपाती है। फसल, जमीन आशियाने सब उजड़ जाता है। लोगों की जान पर बन आती है। यह दर्द हर साल लोगों को सालता है। श्रीनगर विधानसभा में 318465 मतदाता है। करीब पांच लाख की आबादी की सेहत का ख्याल रखने के लिए पर महज एक सीएचसी है। विकास के नाम पर खंभारखेड़ा में एक शुगर फैक्टरी है। इलाके में पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत के रूप में लिलौटीनाथ का पौराणिक शिव मंदिर भी है। अनुसूचित जाति और मुस्लिम बाहुल्य इलाके में विकास का टोटा है। यहां के वाशिंदों ने कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा सभी दलों को तवज्जो दी।
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श्रीनगर सीट पहले सामान्य थी। 2008 के परसीमन बाद इसे सुरक्षित सीट का दर्जा मिला। यहां के लोग रोजगार, पयर्टन, सुरक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सेवा, स्टेडियम, परिवहन, यूनिवर्सिटी आदि की मतदाताओं को दरकार है। युवाओं का कहना है कि हमें खैरात नहीं , अपना हक और क्षेत्र का विकास चाहिए। स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर मिले, जिससे विस्थापन रुक सके और इलाके की तरक्की हो। उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े। (संवाद)
बिजली की तरह अन्य सुविधाओं में भी हो सुधार
खेल प्रतिभाओं के लिए स्टेडियम और कोच की व्यवस्था होनी चाहिए। बिजली की व्यवस्था में सुधार हुआ है। इसी तरह रेलवे और रोडवेज की परिवहन व्यवस्था को गति दी जाए। पयर्टन के नाम पर दुधवा को छोड़ दूसरा कोई पार्क नहीं है। शहर के निकट इंदिरा मनोरंजन पार्क भी माननीयों से नहीं संभला, वह उजाड़ पड़ा है। शुगर मिल को छोड़ दूसरी कोई फैक्टरी भी नही है। परिवहन के नाम पर श्रीनगर क्षेत्र में डग्गामार वाहनों का ही सहारा है। पचपेड़ी घाट में शारदा नदी पर पुल का न बनना और बाढ़ कटान की विपदा को किसी पार्टी ने एजेंडे में शामिल नहीं किया है।
क्या चाहते हैं युवा मतदाता
युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने चाहिए, जिससे रोजी-रोटी के लिए युवाओं का पलायन रुक सके। महिलाओं को हर क्षेत्र में स्वावलंबी बनाने का प्रयास होना चाहिए। लोगों को मुफ्तखोरी की आदत डालने के बजाय विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए। - कुलवंत कौर छात्रा
श्रीनगर क्षेत्र में शारदा नदी से आने वाली बाढ़ सबसे बड़ी समस्या है। सरकार को इसके समाधान के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए। क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा की जरूरत है। सड़कों की दशा सुधारने की जरूरत है। विधायक अपने वादे पूरे करें। जसविंदर कौर, छात्रा
श्रीनगर क्षेत्र बड़े शहरों से अलग थलग है। क्षेत्र का औद्योगिक विकास हो तो यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा और युवाओं का पलायन रुकेगा। क्षेत्र की परिवहन सुविधाओं का अभाव है। रात में कोई साधन नहीं है। स्वास्थ्य और शिक्षा में भी क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। प्राची, छात्रा
श्रीनगर क्षेत्र शहर से सटा है, लेकिन यहां मनोरंजन के साधन नहीं हैं। एक मात्र पिकनिक स्पाट इंदिरा मनोरंजन वन था, वह भी प्रशासनिक लापरवाही के चलते उजाड़ हो चुका है। बाढ़ और कटान से तबाह किसानों के हित के लिए भी कोई ठोस काम नहीं हुआ है। जशनदीप बरार,
क्षेत्र में शुगर मिल के अलावा कोई बड़ी फैक्टरी नहीं है। औद्योगिक विकास के प्रयास होने चाहिए, ताकि युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिल सकें। यहां के लोगों का आर्थिक विकास हो सकेगा। व्यवसायिक शिक्षा विकास के प्रयास होने चाहिए। - ज्योति उदय, इंजीनियरिंग छात्र
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प्रलोभनों से कुछ भला होने वाला नहीं है। सरकार किसी की बने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और परिवहन जैसी सुविधाओं में विस्तार हो। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। कटान की समस्या का स्थाई समाधान जरूरी है। - पिंकी, छात्रा
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