श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में लगाई डुबकी लगाकर किया भोले का जयघोष
सावन की अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में डुबकी लगाई। भगवान भोलेनाथ का पूजन अर्चन कर गरीबों और ब्राह्मणों को दान किया। सावन अमावस्या पर शिव मंदिरों में खासी भीड़ रही।
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी में सावन माह के अमावस्या पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरी नगरी कांवड़ियों के भगवा रंग में रंगी नजर आयी। तन पर भगवा चोला, कंधे पर कांवड़, ओम नम: शिवाय का जाप करते सैकड़ों किमी की पैदल यात्रा तय कर कांवड़िये भगवान शिव का अभिषेक करने छोटी काशी आए। ब्रह्म मुहूर्त में ही दर्शन के लिए कांवडिये कतारबद्ध हो गए। अमावस्या पर पवित्र गोकर्णतीर्थ में दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारों के बीच डुबकी लगाई।
धौरहरा खीरी। सावन अमावस्या पर सरयू नदी के किनारे रात बारह बजे से ही हजारों की संख्या में शिवभक्तों ने स्नान किया। धौरहरा के नागेश्वर, नरैनाबाबा के उपज्योर्तिलिग नारायणेश्वर, कफरा के लीलानाथ मंदिरों में सुबह से भक्तों का तांता लग गया था। क्षेत्र के सभी मंदिरों में भक्तों ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक भी किया। धौरहरा के जालिकमनगर पुल पर सरयू स्नान के लिए शनिवार की रात ही कावड़िया पहुंच गए थे। सरयू तट पर पूरे सावन माह भर तक भंडारा चलता है।
मैगलगंज। सावन अमास्या के मौके पर मैगलगंज और मोहम्मदी क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने पवित्र गोमती नदी और मनोगंगा में डुबकी लगाकर टेढ़ेनाथ धाम और ऋषि पारासर की तपोस्थली मढ़ियाघाट स्थित प्राचीन शिवलिंग के दर्शन और पूजन किए। शिव मंदिरों में दिन भर भीड़ भाड़ बनी रही। जिले का वातावरण हर हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
अमावस्या पर हुआ भंडारा
गोला गोकर्णनाथ। नगर से दो किमी दूर कंजा देवस्थान पर भोले बाबा कांवरथी दल के महंत श्यामू गुप्ता और गुड्डू गुप्ता ने कांवडिय़ों के लिए भंडारे का आयोजन किया। जिसमें हजारों कांवड़ियों ने प्रसाद छका। रजागंज में हुए भंडारे में प्रसाद पाने के लिए आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। व्यवस्था में आयोजक पंकज सिंह, आचार्य रामेंद्र मिश्रा, विकाश विक्कू, पूर्व विधायक रामसरन, महेशचंद्र कनौजिया, भानू, संतोष, पूर्व प्रधान राकेश वर्मा आदि मौजूद रहे।