पिछले दो सालों में जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली की लाइनें तेजी से बिछाई गई हैं। अधिकारियों का दावा है कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 1881 गांवों को बिजली से जोड़ दिया गया है। वहीं जिले के 10 बिजली उपकेंद्रों की क्षमता भी 60 मेगावाट तक बढ़ा दी गई है। इस संबंध में सीतापुर सर्किल आफिस को भी रिपोर्ट भेजी गई है। अधिकारी इसे बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं। इन गांवों के बिजली से जुड़ने के बाद जिले में विद्युतीकृत गांवों की संख्या बढ़कर 5281 हो गई है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का द्वितीय चरण शुरू होने से पहले जिले में 3400 गांवों तक ही बिजली पहुंची थी। इनमें लखीमपुर डिवीजन के 2000 गांव हैं। अधिशाषी अभियंता राकेश सिंह ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जिन 10 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है, उनमें कैमहरा, बसैगापुर, बेहजम, ढखेरवा, सिंगाही, निघासन और खीरी में पांच-पांच एमवीए के नए ट्रांसफार्मर लगाए गए है। वहीं धौरहरा उपकेंद्र की क्षमता 10 एमवीए बढ़ाई गई है। ईई का कहना है कि पहले जिले की बिजली क्षमता 110 एमवीए थी, लेकिन राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में क्षमता वृद्घि के बाद क्षमता 170 एमवीए हो गई है। एसडीओ आरबी सिंह का कहना है कि इन गांवों में बिजली सप्लाई जोड़ दी गई है। हालांकि नए गांवों के जुड़ने से कई उपकेंद्रों पर ओवरलोडिंग की समस्या भी बढ़ गई है।
यहां प्रस्तावित हैं उपकेंद्र
शहर के देवकली रोड, रामापुर, महेवागंज, फूलबेहड़, नकहा, बाबागंज, हरिहरपुर, खमरिया में 33/11 केवीए के उपकेंद्र प्रस्तावित हैं, इनमें दो जगहों को छोड़कर अन्य कस्बों में जमीन की कमी आड़े आ रही है। बिजली विभाग कई बार प्रशासन से जमीन दिलाने की मांग कर चुका है, लेकिन अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है।
जल्दी चालू होगा मढ़िया बाजार उपकेंद्र
करीब चार पूर्व मढ़िया बाजार में स्वीकृत 33/11 केवीए के उपकेंद्र का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। ईई ने बताया कि उपकेंद्र से बेहजम क्षेत्र के गांवों को जोड़ने के लिए चार्जिंग की जा रही है। जल्दी से बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।