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बनटुकरा बंशीबेली में फिर दिखा तेंदुआ

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ईसानगर में बनटुकरा पिंजड़े के पास बैठा तेंदुआ - फोटो : LAKHIMPUR
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धौरहरा/ ईसानगर। वनरेंज की बनटुकरा वनबीट में लगाए गए पिंजड़े में मादा तेंदुआ कैद होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन रविवार शाम एक और तेंदुए कैमरे में कैद हुआ है। वन विभाग की टीम ने पेट्रोलिंग बढ़ाते हुए जीपीएस युक्त कैमरों को सक्रिय कर तीन पिंजड़े लगाए हैं। पिंजड़ों और उनके बाहर बकरियां भी बांधी हैं। आशंका है कि रविवार को कैमरे में कैद हुआ तेंदुआ कहीं दो बच्चों को मौत के घाट उतारने वाला तो नहीं है।
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गनापुर बीट के चमार नपुरवा व बनटुकरा में तेंदुए ने पिछले माह दो बच्चों सहित कई मवेशियों व कुत्तों को मार डाला था। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के आसपास पिंजड़े व कैमरे लगाकर कांबिग शुरू की थी। 47 दिनों बाद वन मादा तेंदुआ पिंजड़े में कैद भी हुआ। वन विभाग ने एक और तेंदुआ वहां होने की आशंका जताई। वन टीम ने पहले निशानदेही कर चहलकदमी वाले क्षेत्र को चिह्नित किया। चिह्नित जगहों पर छह जीपीएस सिस्टम से लैस 15 कैमरे लगाए। टीम ने गांव में फिर से डेरा जमा दिया और रात्रि गश्त बढ़ा दी। रविवार शाम करीब चार बजे चहलकदमी करता हुआ एक तेंदुआ वन विभाग द्वारा लगाये गये पिंजड़े के पास आकर वापस लौट गया। इसकी फुटेज भी कैमरे में कैद हो गई। कैमरे में तेंदुए की फुटेज आने के बाद वन विभाग ने बकरी बांधते हुए तीन पिंजड़े लगा दिए। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि तेंदुआ दिखाई पड़ा है। पिंजड़े सक्रिय करने के बाद गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए कहा जा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को बताए बचाव के उपाय
वन दरोगा सत्य प्रकाश ने बताया तेंदुए को लेकर लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। खेत खलिहान अकेले न जाकर समूह में जाये। बच्चों को जंगल की तरफ न जाने दे। बच्चों को अकेला देख तेंदुआ उन पर हमला कर सकता है।
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तेंदुआ दिखने पर यह बरतें सावधानी
वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने ग्रामीणों को बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि ग्रामीणों को अपनी दिनचर्या बदलनी होगी। इसके लिए ध्यान रहे कि तेंदुआ अधिकांश रूप में उन पर हमला करता ह,ै जो बैठे या लेटे रहते हैं। तेंदुआ दिखने पर खड़े रहें। यदि आप खड़े रहेंगे तो वह हमला नहीं करेगा। पत्थर या डंडे से न मारें। इससे वह आक्रोशित होगा और हमला कर देगा। घर में रहने वाले अभिभावक और बच्चों को घर के भीतर ही रखें। संवाद
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