मैलानी। नारंग खुड्डी गांव में महिला पर हमले के बाद तेंदुए की हलचल थम गई है। वनकर्मियों ने रातभर निगरानी की, लेकिन दूसरे दिन उसकी कोई गतिविधि नहीं दिखी। वन विभाग को उसके पास के जंगल में जाने का अंदेशा है।
ग्राम पंचायत सलावतनगर के नारंग खुड्डी गांव में मंगलवार रात करीब एक बजे तेंदुआ कौशल्या देवी (60) को घर से खींच ले गया था। वह आंगन में बने शौचालय में लघुशंका के बाद पास के हैंडपंप पर हाथ धो रही थीं, तभी तेंदुए ने उन्हें मुंह में दबोचा और घर के बाहर भागा। उनकी कराहने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग पहुंचे। शोर मचाकर पीछा करने पर तेंदुआ उन्हें घर से कुछ दूरी पर छोड़कर भाग गया। पास में उसके पैरों के निशान भी मिले थे। घायल कौशल्या को जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
मैलानी रेंजर सुरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वन दरोगा कामता प्रसाद वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम रात में निगरानी कर रही है। इस दौरान तेंदुए की कोई गतिविधि नहीं मिली। अनुमान है कि वह पास के जंगल में चला गया है।
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आबादी के बीच नाले में मिला मगरमच्छ, वनकर्मियों ने पकड़ा
धौरहरा। मोहल्ला सरोजनी नगर के वार्ड नंबर दो में मंगलवार रात करीब आठ बजे आबादी के बीच जल निकासी के नाले में मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित वन रेंज ले गई।
क्षेत्रीय वनाधिकारी अशोक कुमार श्रीवास्तव ने मगरमच्छ को घाघरा नदी में छोड़ने की बात कही। उन्होंने बताया कि बरसात के बाद झीलों और नदियों से मगरमच्छ तालाबों में आ गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मगरमच्छ दिखने पर उससे दूरी बनाए रखें। उसे पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। संवाद