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ग्रामीणों की छेड़छाड़ से उग्र होकर तेंदुआ कर रहा हमला

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भीरा रेंज आबादी से सटे जंगल में बैठा तेंदुआ। फाइल फोटो। - फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज जंगल से निकले तेंदुए उग्र होकर हमलावर हो रहे हैं। पिछले दो दिन के अंदर तेंदुआ सात लोगों को घायल कर चुका है। वन विभाग का दावा है कि इस इलाके में एक नहीं बल्कि तीन तेंदुए सक्रिय हैं।
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कदुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा रेंज जंगल से निकले तेंदुए दो दिन के अंदर सात लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। भीरा रेंज की छैरासी, बरूआ और पड़रिया बीट जंगल से सटे घुरहा, लालूटांडा गांव में एक तेंदुए ने हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया था। बताया जाता है कि तेंदुआ गांव से सटी नहर में अपनी प्यास बुझाने आया था। वहां से वापस लौटते समय नहर किनारे मौजूद लोग तेेंदुए को देखकर शोर मचाने लगे। ग्रामीणों के शोर को सुनकर तेंदुआ अपनी जान बचाने के लिए गन्ने खेत की ओर भागा। ग्रामीणों को पीछे भागते देख तेंदुआ आक्रामक हो उठा और बचाव में चार लोगों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया।
उसी शाम तेंदुए ने दो अन्य लोगों पर हमला कर उन्हें भी जख्मी कर दिया। शुक्रवार को गन्ने की गुड़ाई कर रहे भीरा के फार्म टांडा निवासी 40 वर्षीय श्याम सिंह पर तेंदुए ने हमला कर उसे जख्मी कर दिया था। दो दिन के अंदर तेंदुए के सात ताबड़तोड़ हमलों से जहां ग्रामीणों में दहशत है। वहीं, इन हमलों से वन विभाग को तेंदुओं की निगरानी में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वन विभाग ने तेंदुआ दिखाई पड़ने पर सूचना तत्काल विभाग को देने की बात कही।
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ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत
भीरा रेंज की पड़रिया,बरूआ और छैरासी बीट जंगल से सटे गांवों में तीन अलग-अलग इलाकों में सक्रिय हुए तीन तेंदुओ के अलग-अलग हुए ताबड़तोड़ हमलों में सात लोगों के जख्मी होने पर इलाके में दहशत फैल गई। तेंदुए हमले के डर से शाम ढलने से पहले ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। लोग अंधेरा होने से पहले ही अपने घरों में दुबक कर बैठ जाते हैं। निगरानी टीमों के मुताबिक तीन अलग-अलग जगहों पर सक्रिय तेंदुए वापस जंगल लौट गए है। फिर भी ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा जा रहा है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की भीरा रेंज जंगल से सटे इलाके में बाघ के हमले में सात लोग जख्मी हुए हैं। ग्रामीणों को चाहिए कि बाघ या तेंदुआ दिखाई पड़ने पर उसे छेड़ें नहीं बल्कि उसे दूरी बना लें। साथ ही सतर्क रहें और समूह बनाकर खेतों में जाएं।
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- सुंदरेशा, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन
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