खमरिया। धौरहरा वन रेंज क्षेत्र के गांव खड़वा मीतमऊ के पास मंगलवार को जयपाल यादव के केले के खेत में बनी झोंपड़ी की छत पर तेंदुआ दिखाई देने से हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसका वीडियो बना लिया, जो वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ देर बाद तेंदुआ पास के क्षेत्र की ओर चला गया।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, पिंजरा लगाने और तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने की मांग की है।
सर्पदंश से महिला की गई जान
निघासन। गांव मूड़ा बुजुर्ग के मजरा शंकरी गौढ़ी में सोमवार को सर्पदंश से वीरेंद्र यादव की पत्नी देवंती देवी (56) की हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें सीएचसी निघासन ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। देवंती देवी घरेलू कार्य कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें किसी विषैले सांप ने डस लिया। सीओ शिवम कुमार ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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गांव धोबीपुरवा में गन्ने के खेत में दिखा तेंदुआ
मझगईं। ग्राम पंचायत छेदुई पतिया के गांव धोबीपुरवा में मंगलवार सुबह खेत के पास तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। धोबीपुरवा निवासी सुनील कुमार उर्फ सोनू साथी वीरेंद्र कुमार के साथ सुबह करीब सात बजे खेत में शौच करने गए थे। गन्ने के खेत के पास झाड़ियों में तेंदुआ दिखने पर दोनों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। शोर सुनकर तेंदुआ गन्ने के खेत की ओर भाग गया।
सूचना पर वन दरोगा शुभम एस श्रीवास्तव, बीट प्रभारी कमलकांत, फॉरेस्ट गार्ड सुरेश सिंह, एसटीएफ टीम और वाचर जमील अहमद मौके पर पहुंचे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। टीम ने खेत और आसपास पगमार्क व अन्य निशानों की जांच की।
रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि गश्त बढ़ा दी गई है। जरूरत पर पिंजरा भी लगाया जाएगा। संवाद
नहर किनारे मगरमच्छ ने कुत्ते को बनाया निवाला
भीरा। भीरा वनरेंज के सुंदर नगर गांव के पास नहर किनारे सोमवार शाम मगरमच्छ ने एक कुत्ते को शिकार बना लिया। ग्रामीणों के अनुसार, मगरमच्छ नहर किनारे कुत्ते को खा रहा था। वाहन की आहट पर वह कुत्ते को मुंह में दबाकर नहर में चला गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मगरमच्छ कई दिनों से आसपास दिखाई दे रहा है। इसी रास्ते से नहर किनारे खेतों पर किसान और बच्चे गुजरते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना है। ग्रामीण खेतों और नहर के पास जाने से कतरा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पहुंचाने की मांग की है। वन विभाग को घटना की सूचना दे दी गई है।
दो प्रयास के बाद भी पकड़ में नहीं आया मगरमच्छ, दहशत बरकरार
मझगईं। झन्ना नाले में एक सप्ताह से डेरा जमाए मगरमच्छ को दो प्रयास के बाद भी पकड़ा नहीं जा सका। इससे नाला किनारे रहने वाले लोगों में दहशत बढ़ गई है।
जामा मस्जिद और प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित झन्ना नाला इन दिनों बाढ़ के पानी से लबालब है। ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के साथ बहकर आया भारी-भरकम मगरमच्छ अब तक पांच कुत्तों, एक सियार और दो कछुओं को शिकार बना चुका है। झन्ना पार की एक महिला भी उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बची थी।
सूचना पर वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार रात करीब नौ बजे मगरमच्छ फिर शिवपाल सिंह के घर के पीछे बाड़ी में पानी से बाहर निकला। सूचना पर डिप्टी रेंजर मनोज यादव और उपनिरीक्षक जगदीश सिंह टीम के साथ पहुंचे, लेकिन मगरमच्छ गहरे पानी में उतर गया।
मगरमच्छ के पकड़ में न आने से शिवपाल सिंह के परिवार समेत नाला किनारे रहने वाले लोगों में भय और आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द मगरमच्छ नहीं पकड़ा गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि रात में उसे पकड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह पानी में चला गया। पानी से बाहर आने पर उसे सुरक्षित पकड़ लिया जाएगा।