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Lakhimpur Kheri News: जिले में कई जगह दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत

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सेमरी गांव में केले के खेत में शावक सहित बैठा तेदुआ। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले के धौरहरा, तिकुनिया और महेवागंज सहित कई क्षेत्रों में तेंदुए की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। हालत यह है कि ग्रामीणों ने तेंदुए के भय से अकेले खेतों में जाना बंद कर दिया है। कई लोग बच्चों को भी स्कूल भेजने से बच रहे हैं।
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धौरहरा रेंज के सेमरी गांव निवासी अंकित मिश्रा के केले के खेत में तेंदुआ दो शावकों सहित बैठा दिखाई दिया। अंकित ने बताया कि केले के खेत में लगे फल पर मजदूरों से दवा डलवा रहे थे। मजदूर जब खेत के पश्चिम तरफ पहुंचे तो खेत के कोने में तेंदुआ दो शावकों के साथ बैठा दिखाई दिया। अचानक सामने तेंदुआ को देखकर शोर मचाया, तो तेंदुआ भाग गया।
अंकित मिश्र ने वन विभाग को सूचना दी। रेंजर नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि सेमरी में एक किसान के खेत में दो शावकों सहित तेंदुआ देखा गया है। लोकेशन ट्रेस की जा रही है। कैमरा लगवा दिया गया है। वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है।
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महेवागंज/फूलबेहड़। ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार सुबह जंगपुर गांव के पास तालाब में तेंदुए को पानी पीते लोगों ने देखा। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन दरोगा अनिल कुमार ने पग मार्क से तेंदुआ की पुष्टि की। आसपास खेतों में पटाखे दगवाए। लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।




बाघ पकड़ने के लिए खेतों में 24 दिन से भटक रहे वनकर्मी
- क्षेत्र के गांव इमलिया और मूडा अस्सी सहित दर्जन भर गांव में है बाघ की दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
ममरी। क्षेत्र के गांव इमलिया और मूडा अस्सी सहित दर्जन भर गांव के ग्रामीण जहां 24 दिन से बाघ की दहशत से जूझ रहे हैं, वहीं बाघ को बेहोश (ट्रैंकुलाइज) करने की कोशिश में जुटी वनकर्मियों और डॉक्टरों की टीम अब निराश होती दिख रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन से बाघ के दहाड़ने की आवाज भी सुनाई नहीं दे रही है। ऐसा लगता है बाघ कहीं दूर चला गया है। हालत यह है कि ग्रामीण दिन-रात पटाखे दाग रहे हैं। उधर, रेंजर नरेशपाल सिंह का कहना है कि वनकर्मियों और डॉक्टरों की टीम बराबर कॉंबिंग कर रही है। थर्मल ड्रोन भी उड़ाया जा रहा है। इसमें बाघ की तस्वीर भी कैद हो रही है, लेकिन गन्ने की वजह से बाघ पकड़ में नहीं आ रहा है।
गन्ने का क्षेत्रफल इतना बड़ा है कि जिसमें घुसने की हिम्मत नहीं हो रही। उनका कहना है कि यदि बाघ एक बार मैदान में आ जाए तो उसे तुरंत बेहोश करके पकड़ लिया जाएगा। लगातार कई दिन से कॉंबिंग कर रहे वनकर्मी भी निराश हो उठे हैं, लेकिन बाघ गन्ने के खेत से बाहर नहीं निकल रहा है। गर्मी इतनी विकराल है कि टीम पसीना-पसीना हो रही है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि बाघ शीघ्र ही पकड़ा जाएगा।

सेमरी गांव में केले के खेत में शावक सहित बैठा तेदुआ। संवाद

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