लखीमपुर खीरी। थाना फूलबेहड़ और शारदा नगर रेंज के ढखवा गांव में तेंदुए ने बुधवार रात एक किशोर पर उस समय हमला कर दिया, जब वह लघुशंका के लिए घर से बाहर निकला। तेंदुआ किशोर को गन्ने के खेत में खींच ले गया। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो उसे छोड़कर भाग गया। जिसकी गंभीर हालत में अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के शारदा नगर रेंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत खैंइया के मजरा ढखवा निवासी इदरीश का 14 वर्षीय पुत्र जलीश बुधवार रात करीब 1:30 बजे जगकर लघुशंका के लिए घर से बाहर निकला, तभी झाड़ियों में बैठे तेंदुए ने जलीश पर छलांग लगाकर उसकी गर्दन दबोच ली। तेंदुआ उसे पास के गन्ने के खेत में खींच ले गया। किशोर के चीखने चिल्लाने पर गांव के लोग इकट्ठा हो गए और खेत को घेर लिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ किशोर को छोड़कर भाग गया। परिजन गंभीर रूप से घायल किशोर को लेकर अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
बृहस्पतिवार की सुबह सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और फूलबेहड़ पुलिस गांव पहुंची। परिजनों व गांव के लोगों से पूछताछ कर गन्ने के खेत का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर, वन विभाग ने गन्ने के खेत में पड़े खून और पगचिह्न देखकर तेंदुआ के मौजूद होने की आशंका जताई है। वन विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने और खेतों की तरफ अकेले न जाने की सलाह दी है।
किसी हिंसक पशु का हमला लग रहा है। टीम निगरानी में लगी है। अभी कुछ स्पष्ट बता पाना मुश्किल है। डिप्टी रेंजर संजय आजाद का कहना है कि कैमरे लगाए जा रहे हैं। ड्रोन कैमरा चलाया गया था, लेकिन कोई जानवर दिखाई नहीं दिया। लोगों को सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
- अभय कुमार मल्ल, रेंजर
रह रहकर बेटे की चीख गूंज रही पिता के कान में
सोते समय अचानक बेटे की चीख सुनी तो वह आवाज अब भी पिता इदरीश के कानों में गूंजती है। बात करते हुए आंखों से आंसू नहीं रुकते। इदरीश ने बताया कि बेटे की चीखें उन्हें बेचैन कर देती हैं। आखिरी समय उसने कहा था कि पापा बचा लो मुझे। मैं बेबस उसे बचा भी नहीं सका। कितना बदनसीब बाप हूं कि अपने जिगर को अपनी आखों के सामने मरते हुए देखता रहा और कुछ भी न कर सका।
गरीबी में पल रहा परिवार
ढखवा गांव निवासी भूमिहीन इदरीश मेहनत मजदूरी कर पत्नी और तीन बच्चों का पेट पालता है। बड़े बेटे जलीश को पढ़ा लिखाकर एक अच्छा इंसान बनाना चाहता था। इसलिए उसे खईया के सरकारी स्कूल में पढ़ा रहा था। वह सातवीं कक्षा में पढ़ता था। रात डेढ़ बजे जब वह उठकर बाहर पेशाब करने गया था, तभी यह अनहोनी हो गई। जलीश की एक बहन और एक छोटा भाई है।
मोहनपुरवा गांव में भी हिंसक पशु की दहशत
महेवागंज। गांव मोहनपुरवा में दो दिन से तेंदुआ देखे जाने की चर्चा है। गांव निवासी विनोद ने बताया कि बुधवार सुबह वह खेत से लौट रहे थे। रास्ते में गन्ने के खेत में लगे एक ट्यूबवेल के पास तेंदुआ दिखाई दिया। इससे पहले मंगलवार शाम भतीजे हरिश्चंद्र और नाई कलामू ने भागकर जान बचाई थी। डिप्टी रेंजर संजय आजाद ने बताया कि जहां जानकारी मिल रही है, वहां टीम भेजी जा रही है। खेतों में अकेले न जाने और सचेत रहने की अपील की गई है। संवाद