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नहरों में पानी छोड़ने की अवधि पांच दिन बढ़ी

Thu, 05 May 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो-ममरी।
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अंबेडकरनगर की शारदा नहर में नहीं बचा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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समय सीमा बढ़ने से किसान काफी परेशान
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क्षेत्र की खीरी और सीतापुर ब्रांच नहरों में पानी छोड़ने की अवधि पांच दिन और बढ़ाने से किसानों के सामने विकट समस्या खड़ी हो गई है। इससे किसान किसान काफी परेशान हैं।
किसानों का कहना है कि खीरी और सीतापुर ब्रांच दोनों बड़ी नहरें एक महीने से सूखी पड़ी हैं। सिंचाई के अभाव में फसलें सूखकर बर्बाद हो रही हैं। विभागीय अधिकारियों ने नहरों में पानी 28 अप्रैल को, फिर पांच मई को आने को कहा था। नहरों में पानी आज तक नहीं छोड़ा गया है। इस बाबत जानकारी करने पर अवर अभियंता बनवारीलाल ने बताया कि प्रदेश शासन की ओर से सीतापुर हाल्ट नहर की सफाई कराई जा रही है। इसी वजह से नहरों में पानी छूटने की अवधि पांच दिन और बढ़ा दी गई है। पानी की बाट जोह रहे किसान इससे काफी परेशान हैं, उन्होंने शीघ्र पानी छोड़ने की मांग की है।
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नहर के रोस्टर में परिवर्तन की मांग
पानी की किल्लत से जूझ रहे खीरी और सीतापुर ब्रांच नहर कमांड के किसानों ने नहर रोस्टर में बदलाव की मांग की है।
कृषक यदुनंदन भार्गव, रमेशचंद वर्मा, दाताराम, देवसरन, खंदनी के सुभाष वर्मा, बरगदिया के वेदप्रकाश, सहुआपुर के भगवानदीन, रामनाथ यादव, हेमपुर के सतीश, खोखाय के दाताराम, विनोद शर्मा, स्याहपारा के सोबरनलाल, हैदराबाद के आजाद अली, खरगापुर के रामदयाल, सेखबापुर के महादेवप्रसाद वर्मा, अजान के श्रीकृष्ण वर्मा आदि का कहना है कि अक्सर नहरों में पानी लगातार तीन या चार हफ्ते चलाया जाता है। इस अवधि में हरदोई ब्रांच नहरें सूखी रहती है। हरदोई ब्रांच नहर में पानी पहुंचने पर खीरी और सीतापुर ब्रांच नहरें सूखी रहती हैं। इससे उनकी फसलें पानी के अभाव में बर्बाद हो जाती हैं। रोस्टर में बदलाव कर दो-दो हफ्ते कर दिया जाए, जिससे पानी की बर्बादी बचेगी साथ ही सभी किसानों को कम समय में सभी नहरों में पानी मिलेगा। साथ ही किसानों की उपज बढ़ जाएगी।
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