पलियाकलां। कंबल वितरण को लेकर उपजे विवाद में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पर रिपोर्ट दर्ज होने से आक्रोशित वकीलों ने बृहस्पतिवार को भी आंदोलन जारी रखा। तहसील परिसर में धरना देने के साथ सड़कों पर जुलूस निकालकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
14 जनवरी को पलिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप मेनरो ने तहसील से ले जाकर कंबलों की हेराफेरी करने का आरोप लगाया था। इधर, लेखपाल का कहना था कि कंबलों को अगले दिन बांटने के लिए सुरक्षित रखा जा रहा था। पुलिस की तरफ से लेखपाल की तहरीर पर अध्यक्ष के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इसके बाद सोमवार से वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
बृहस्पतिवार को भी वकीलों ने कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। अधिवक्ताओं का हुजूम तहसील परिसर से निकला और मेला गेट, फलाहारी मार्केट, नगर पालिका रोड, माल गोदाम रोड और चौकी चौराहा होते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण किया। इस दौरान वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अफसरों पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
वकीलों की दो टूक मांग है कि जब तक लेखपाल पक्ष पर एफआईआर दर्ज नहीं होती और एसडीएम का तबादला नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना और कार्य बहिष्कार समाप्त नहीं होगा। आंदोलन के चलते तहसील में कामकाज ठप पड़ा है, जिससे दूर-दराज से आए फरियादियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों ने दिया समर्थन
तहसील में चल रहे वकीलों के आंदोलन को अब नगर व्यापार मंडल का भी साथ मिल गया है। बृहस्पतिवार को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पहुंचकर वकीलों की मांगों को जायज ठहराया और पलिया बार एसोसिएशन को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। धरना स्थल पर तहसील अध्यक्ष जसपाल गोहानिया और नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। इस दौरान कोषाध्यक्ष श्याम आनंद, मोहम्मद आरिफ, रघुनाथ राठौर, राजेश गुप्ता, फरजंद अली उर्फ बुंदू मियां, मंत्री जसवीर फ्लोरा, अमित बाथम और गौरव अग्रवाल सहित तमाम व्यापारी शामिल रहे।