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UP: 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो', जंतर-मंतर का नारा पहुंचा लखीमपुर, सड़कों पर छात्र; राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

Fri, 24 Jul 2026 03:57 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए हैं। वे नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
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लखीमपुर में छात्रों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन, नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को लखीमपुर खीरी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए। आंबेडकर पार्क में एकत्र होने के बाद सभी छात्र जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।

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प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" और "शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन का सबसे अलग पहलू तब देखने को मिला जब ज्ञापन लेने पहुंचे एसडीएम तनवीर अहमद को छात्रों ने गुलाब का फूल और टॉफियां भेंट कीं। छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है तथा वे किसी टकराव के बजाय अपनी बात संवैधानिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में छात्रों ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, विशेषकर नीट और सीबीएसई से जुड़ी परीक्षाओं में बार-बार सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
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ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली में व्यापक और समयबद्ध सुधार लागू करने, जवाबदेही तय करने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा देशभर के विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।

छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग का भी विरोध जताया। ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई कि इस घटना की जवाबदेही तय कराई जाए और भविष्य में छात्रों के शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

ज्ञापन में कहा गया कि वे किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि देश के नागरिक और छात्र होने के नाते अपनी चिंताओं को राष्ट्रपति तक पहुंचा रहे हैं। छात्रों ने उम्मीद जताई कि देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करने वाले विद्यार्थियों की आवाज को गंभीरता से सुना जाएगा।

अंत में छात्र-छात्राओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और छात्र हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

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