घटना के बाद गांव में पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम
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लखीमपुर खीरी के पढ़ुआ इलाके के बाबागंज गांव में बृहस्पतिवार को तेंदुए के हमले में ग्रामीण बुद्दा के आठ वर्षीय बेटे गोलू की मौत हो गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने तेंदुए पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए जाने तक शव वहां से ले जाने से रोक दिया।
गोलू डंडूरी गुरुद्वारे के पास खेतों में बकरियां चराने गया था। तभी वहां तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। इससे गोलू की मौके पर ही मौत हो गई। देर शाम घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर सीओ शिवम कुमार, उत्तर वन रेंज के रेंजर मोबीन आरिफ मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों के सामने ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
ग्रामीणों का कहना था कि जब तक वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन नहीं देता, तब तक वे शव नहीं उठने देंगे। ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की आवाजाही पर चिंता जताते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
मौके पर पुलिस और वन विभाग के अधिकारी परिजनों व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे। रात करीब नौ बजे तक परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर डटे रहे। वहीं वन क्षेत्राधिकारी मोबीन आरिफ ने बताया कि टीमों को लगाया है। साथ ही तेंदुए को पकड़ने की कवायद तेज कर दी है।