फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri: बाघिन पकड़ने का चल रहा था अभियान, पिंजरे में कैद हुआ बाघ, मादा के लिए अभियान जारी

Tue, 28 Jun 2022 12:33 PM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

आदमखोर बाघ के पिंजरे में फंसने के बाद क्षेत्रीय लोगों ने चैन की सांस ली है। इससे पहले सोमवार को खेत में धान की रोपाई कर रही एक महिला पर भी बाघ ने हमला कर मार डाला था। रविवार को भी खेत में घास काटने गए एक युवक को बाघ ने निवाला बना लिया था।
विज्ञापन
वन विभाग के पिंजड़े में फंसा आदमखोर बाघ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चार लोगों और एक पशु को निवाला बनाने वाली बाघिन की जगह बाघ पिंजरे में कैद हो गया। बाघिन अभी तक पकड़ से बाहर है। वनाधिकारियों का कहना है कि बाघिन को पकड़ने के लिए अभियान अभी जारी रहेगा।

विज्ञापन


बाघिन को पकड़ने के लिए एक पिंजरा बाघिन के पहले शिकार महंत मोहनदास की कुटी के पास लगाया गया था। इसके अलावा आधा-आधा किलोमीटर की दूरी पर तीन और पिंजरे लगाए गए थे। बीती रात तिकुनिया रोड पर लगे पिंजरे में बाघ कैद हुआ है। बाघ को फंसाने के लिए पिंजरे में बकरा बांधा गया था।

बताते हैं कि जिस समय बाघ पिंजरे में कैद हुआ उस समय बाघिन भी साथ थी, जो काफी देर तक पिंजरे के आसपास मंडराती रही। वन विभाग ने किसी तरह उसे वहां से हटाया।
विज्ञापन


बाघिन के हटने के बाद पिंजरे में कैद बाघ को पिंजरा समेत ट्रक के जरिए करतनियाघाट वन्यजीव विहार ले जाया गया। दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर ने पिंजरे में कैद जानवर के बाघ होने की पुष्टि की है। बाघ पकड़े जाने की सूचना मिलते ही दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक, उप निदेशक बफर जोन सुंदरेश मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बाघ पकड़े जाने की सूचना प्रधान मुख्य वन संरक्षक और बाघ संरक्षण प्राधिकरण को दे दी है।

पिछले दस दिनों के अंदर चार इंसान और एक पशु बाघ का शिकार बन चुके हैं। बाघ हमले में दो मवेशी घायल हुए हैं। पग चिन्हों और कैमरे में ट्रैप हुई तस्वीरों के आधार पर वन विभाग ने हमलावर जानवर को बाघिन बताया था। बाद में बताया गया कि बाघिन एक नहीं दो हैं। जबकि अब बताया जा रहा बाघ और बाघिन का जोड़ा मिलकर शिकार कर रहे थे। इनमें बाघ पकड़ा गया है।

दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक का कहना है बाघिन के पकड़ में न आने से खतरा अभी टला नहीं है। इसलिए अभियान को अभी जारी रखा जाएगा और जल्दी ही बाघिन भी पकड़ी जाएगी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें