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अब ‘करामाती बल्ब’ के नाम पर लाखों ठगे

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करामती बल्बः लखीमपुर खीरी में जिसके नाम पर लाखों की ठगी की गई। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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निघासन-ढखेरवा (लखीमपुर खीरी)। कई महानगरों से ‘करामाती बल्ब’ खरीदने आए 10 लोगों को पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) के जवानों ने हिरासत में ले लिया। आरोप है कि क्षेत्रीय ठगों ने उनसे लाखों रुपये की ठग लिए। ठगी का शिकार हुए लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इन लोगों का कहना है कि सोशल साइट्स के जरिए वह ठगों के संपर्क में आए बाद में उनसे लाखों की ठगी की गई।
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पुलिस के मुताबिक अंबेडकर नगर के खासपुर टांडा थाना अलीगंज निवासी दुर्गेश कुमार, अंकित कुमार, कानपुर निवासी इमैनुअल, लखनऊ निवासी लालजी सिंह, फैजाबाद निवासी राम आशीष गुप्ता समेत 10 लोग चार पहिया वाहन से आए थे। सभी को एक युवक ने करामाती बल्ब दिलवाने की बात कहकर बुलाया था। ठग के बताए अनुसार सभी लोग धौरहरा और ढखेरवा के बीच में रुके। वहीं ठग के अन्य साथी आ गए और करामाती बल्ब दिखाया। बताया जाता है कि खरीदारों ने 10 लाख रुपये दे भी दिए। इस बीच पीआरवी 2903 को इस खेल की सूचना मिली। पीआरवी के जवानों की गाड़ी जब वहां पहुंची तो वे लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। एक कार निघासन की ओर, दूसरी कार धौरहरा की ओर चालक लेकर भागा। पुलिस ने धौरहरा के पीआरवी के जवानों को सूचना देते हुए दोनों कारों को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने एक बल्ब भी बरामद किया। पुलिस के पहुंचने से पहले ठग भाग चुके थे। अंकित, दुर्गेश आदि ने बताया कि उन लोगों से 10 लाख रुपये की ठगी की गई है। सभी से कोतवाली में लाकर पूछताछ की जा रही है।
ढखेरवा चौकी के दीवान की भूमिका संदिग्ध
ढखेरवा चौकी में तैनात एक दीवान की भूमिका संदिग्ध बताई जाती है। आरोप है कि यह दीवान ठगों से मिला हुआ है। जब पीआरवी के जवान उन लोगों को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस बीच एक ठग के पास फोन आया कि मामले की जानकारी स्टाफ को हो गई है। जल्दी यहां से भाग जाओ। इस पर पुलिस के आने से पहले ठग भाग निकले और खरीदार पकड़ लिए गए। उधर दीवान ने आरोपों को निराधार बताया।
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ठगों से मिलने के कारण एक दरोगा हो चुके है निलंबित
ढखेरवा क्षेत्र में करीब दो साल पहले सोने की ईंट के नाम पर करीब 16 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले को सीओ ने गंभीरता से जांच की। जांच में तत्कालीन चौकी इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उसको तत्कालीन एसपी ने निलंबित कर दिया था। इस मामले में करीब चार ठगों का चालान हुआ था।
क्या है जादुई बल्ब
करामाती गिलास, जादुई चश्मा, सोने की ईंट, नागमणी, मोरपंखी के बाद ठगों ने एक नया तरीका अपनाते हुए जादुई बल्ब के नाम पर ठगी शुरू की है। अन्य मामले सुर्खियों में आने के बाद ठगों ने यह नया तरीका अपनाया है। दावा किया गया है कि यह बल्ब जहां पर लगाया जाएगा, वहां रहने वालों को लक्ष्मी की प्राप्ति होगी। गड़े धन के अलावा घर में रखा रुपया पैसा भी कम नहीं पड़ेगा।
कैसा है करामाती बल्ब
ठग एक लाल कलर का लंबा बल्ब लेते हैं। उसके अंदर एक तरफ पिन लगी होती है। दूसरी तरफ लंबा नुकीला एक मोटा तार निकाला जाता है। उसके बाद बिना बिजली के इसे जलाया जाता है। दावा है कि इसके जलने और बंद होने पर धन की प्राप्ति होती है।
इन गांवों में ठगों का फैला है जाल
मिर्जांगज, बिनौरा, रायपुर सोठियाना, डंडूूरी, पठाननपुरवा के अलावा धौरहरा के चंदपुरा आदि गांवों में ठगों का मकड़जाल फैला हुआ है।
सोशल मीडिया पर फैला है नेटवर्क
फेसबुक, वाट्सएप आदि सोशल मीडिया पर ठगों का नेटवर्क है। इन साइटों पर उनके एजेंट काफी सक्रिय रहते हैं। झांसे में लेकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। क्षेत्र में दिल्ली, मुंबई और श्रीलंका तक के लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं।
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मामला धौरहरा कोतवाली के गांव चंदपुरा का है। ठगी का शिकार हुए लोगों से पूछताछ के बाद एक गाड़ी धौरहरा कोतवाली भेज दी गई है। कितने रुपये की ठगी की गई है। इस बात की जानकारी अभी नहीं हो पाई है। ठगों की भी शिनाख्त की जा रही है।
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-प्रदीप कुमार सिंह, सीओ निघासन
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