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तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश से तबाह हुईं फसलें

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मोहम्मदी में बारिश से केले की फसल हुई चौपट। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। बुधवार की रात करीब 12 बजे से तेज हवाओं के साथ ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो दूसरे दिन गुरुवार की सुबह नौ बजे तक चलता रहा। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली तो वहीं इस दौरान काफी क्षेत्रों में तेज हवाओं से झोंकों से पकने को तैयार खड़ी धान, गन्ने और केले की फसल गिर गई। इससे किसानों को काफी नुकसान होने का अनुमान है। पूरे जनपद में औसतन 106 मिमी बारिश हुई है, जिसमें सबसे ज्यादा 173.4 मिमी बारिश सिर्फ निघासन क्षेत्र में रिकार्ड की गई। शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ीं।
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मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही बारिश और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की थी, इसी क्रम में बुधवार की रात को अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद रात करीब 12 बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जिसके कुछ देर बाद मूसलाधार बारिश होने लगी। गुरुवार की सुबह करीब नौ बजे तक कभी तेज तो कभी धीमे बारिश होती रही। जिला प्रशासन के रिकार्ड के मुताबिक लखीमपुर क्षेत्र में 65.4 मिमी बारिश हुई है। मोहम्मदी क्षेत्र में 80 मिमी और निघासन क्षेत्र में 173.4 मिमी बारिश हुई। बारिश के दौरान करीब 18 किमी प्रति घंटे के वेग से हवाएं चलीं, जिससे पकने को तैयार धान की फसल औंधे मुंह खेत में गिर गई। इससे कोरोना संकट और बाढ़-कटान से जूझ रहे किसानों को झटका लगा। गिर चुके धान की पकने को तैयार बालियां पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाएंगी, जिससे चावल के दाने कमजोर रहने से खतरा बन गया है।
महेवागंज। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से धान और गन्ने की फसल पर बुरा असर पड़ा है। धान खेतों में बिछ गया। पहले से खेतों में पानी भरा होने से फसल सड़ने लगी हैं। फसल की बर्बादी देख किसान कराह उठा है। फूलबेहड़ में तटबंध के अंदर बसे खेतों से कुछ दिन पहले ही बाढ़ का पानी उतरा है। अधिकतर किसानों की फसलें पहले से ही तबाह हो चुकी है। बुधवार से तेज हवा और बारिश फसलों पर कहर बन कर टूटी है। आलू और लाही की फसलो कि बुआई भी प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
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गोला: गर्मी से मिली राहत लेकिन फसल को नुकसान
गोला गोकर्णनाथ। तेज हवा के साथ हुई मूसलाधार बारिश से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं फसलों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में लहलहाती धान की फसल गिर गई। इससे किसान चिंतित दिख रहे हैं। वहीं निचले इलाकों मेला मैदान, हमीद मार्केट, मिल डायवर्जन रोड, अर्जुननगर कालोनी, गुप्ता कॉलोनी, अलीगंज रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के निकट ब्रेकर के पास मंदिर के सामने जलभराव होने से पास के दुकानदारों और राहगीरों को काफी परेशानी हुई। आलम यह है कि यहां पर जरा सी भी चूक घटना की वजह बन सकती है।
ममरी। तेज हवा से खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल गिरकर चौपट हो गई है, जिससे किसानों को भारी क्षति पहुंची है। किसानों का कहना है कि धान गिर जाने से कटाई का खर्चा बढ़ गया है, साथ ही उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा।
अमीरनगर। बुधवार की रात हवाओं के साथ हुई बारिश से किसानों को लाभ होने का अनुमान था, लेकिन धान की तैयार खड़ी फसल के गिर जाने से नुकसान पहुंचा है। साथ ही तेज हवाओं से गन्ने की फसल भी गिर गई।
कुकरा। ग्राम पंचायत पहाड़पुर में बुधवार रात हुई तेज बारिश तथा हवाओं से किसानों की धान की फसल को बर्बाद कर दिया। रात में चली तेज हवाओं के साथ बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। धान गिर जाने से उसके ऊपर पानी भर गया है। तैयार फसल बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है।
बिझौली। बुधवार की रात से झमाझम हुई बारिश से तापमान गिरा। बिझौली, रमुआपुर, रजागंज, चिंतापुरवा, सौंठन सहित कई गांवों के किसानों की धान और गन्ने की फसलें गिर गईं।
मैलानी। बुधवार की रात पौने नौ बजे से यहां तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई और करीब डेढ़ घंटे तक जमकर बारिश हुई। इसके बाद पूरी रात और सुबह तक रिमझिम बारिश होती रही। तेज हवा से अगेती बोई गई धान की फसल जमीन पर पलट गई, जिससे काश्तकारों का नुकसान हुआ। देर से बोई गई फसल को लाभ हुआ है।
उचौलिया। कई गांवों में पक कर सप्ताह दो सप्ताह में कटने के लिए तैयार खड़ी फसल बुधवार शाम को तेज हवा के साथ बारिश में गिर गई है। पनाहपुर निवासी सरदार साहब सिंह, गुरुवचन सिंह, बगीचा सिंह और अरविंद सिंह की तैयार सरबती, बासमती धान की फसल को बेहद नुकसान हुआ है। लगातार मौसम खराब होने से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। वनकागांव निवासी विक्रांत का कहना है कि मौसम लगातार खराब रहा तो धान की फसल को अधिक नुकसान होने की आशंका है।
मोहम्मदी: बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से केले और धान की फसल गिरी
मोहम्मदी। तेज हवा के साथ हुई बारिश से धान, केला, गन्ना, टमाटर आदि फसलों को नुकसान हुआ है। इस समय धान की फसल गिरने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। क्षेत्र के अलग-अलग गांव में केला, गन्ना, धान की फसल को आंधी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है।
किसानों ने कहा-फसलों को काफी हुआ नुकसान
धिरावां के किसान हसीब अंसारी बताते हैं कि उन्होंने पांच बीघे धान लगाया था, जिसके गिरने से नुकसान हुआ है, जिसकी कटाई अब कंबाइन से नहीं हो पाएगी।
देवरिया के टीटू खां का कहना है कि बारिश से जलभराव होने से धान की फसल गिर गई, जिससे नुकसान हो गया है। समय रहते धान की कटाई न हो पाई तो उपज कम हो जाएगी।
सुभाषनगर के कुलवंत सिंह महल का कहना है कि बारिश के साथ तेज हवाएं चल जाने से गन्ना और धान की फसल गिर गई। यही साधारण बारिश हो जाती तो फसलों को लाभ होता। इस समय बारिश की जरूरत थी।
बरगदिया के जय प्रकाश वर्मा ने बताया कि तीन बीघा धान की फसल थी, जो तेज हवा से गिर गई है। धान की बालियां अभी पक नहीं पाई थी, जिन्हें अब फिर खड़े हो पाना मुश्किल है।
बारिश के बीच भरभराकर गिरी छत, बड़ा हादसा टला
खीरी टाउन। थाना क्षेत्र के गांव मुसेपुरखुर्द में बुधवार की रात बारिश के बीच गांव निवासी लोकेंद्र प्रताप सिंह के मकान के एक कमरे की छत भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि कमरे में रखा सामान दबकर नष्ट हो गया। मकान मालिक ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ। उस समय कमरे में परिवार का कोई सदस्य नहीं था।
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