बांकेगंज। देश-विदेश से दुधवा नेशनल पार्क आने वाले सैलानियों को किशनपुर सेंक्चुरी का प्राकृतिक सौंदर्य खूब लुभा रहा है। यहां बाघों की साइटिंग भी दुधवा की अपेक्षा ज्यादा हो रही है।
किशनपुर सेंक्चुरी के झादीताल में ठंडे देशों से आए हजारों की संख्या में रंग-बिरंगे परिंदे भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। झील के पास कुलांचे भरते हिरनों के झुंड भी खूब दिख रहे हैं। झादीताल प्राकृतिक सौंदर्य के लिहाज से अद्भुत है। सर्दियों के मौसम में झील के बीच गुनगुनी धूप सेंकते बारहसिंगा हिरनों के झुंड को देख सैलानी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। इस झील में पूरे साल पानी रहता है।
स्थानीय पक्षियों के बसेरे के साथ ही इन दिनों साइबेरिया, मध्य एशिया, यूरोप, दक्षिण एशिया, चीन आदि देशों के अलावा लद्दाख से भी बड़ी संख्या में परिंदे आए हुए हैं। ये करीब चार महीने तक रहेंगे। यही समय दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन का भी होता है। दुधवा की विजिटर्स बुक के अनुसार किशनपुर सेंक्चुरी में दुधवा की अपेक्षा बाघों और तेंदुओं की साइटिंग ज्यादा हो रही है।
झादीताल के पास ही अक्सर सैलानियों को बाघ और तेंदुए दिख जाते हैं। सैलानियों के सामने आने वाले बाघों में 17 नंबर सड़क, नककट्टी-बेलडंडा बाघिन के अलावा बजरंग बाघ प्रमुख है। इसके अलावा जंगल भ्रमण के दौरान अक्सर कोई न कोई बाघ सैलानियों को दिख ही जाता है।
दुधवा नेशनल पार्क की किशनपुर सेंक्चुरी में बाघों की खूब साइटिंग हो रही है। किशनपुर का झादीताल इन दिनों रंग-बिरंगे प्रवासी परिंदों का ठिकाना है। जो यहां के सौंदर्य को और अधिक बढ़ा रहे हैं। यह झील सैलानियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
- ललित कुमार वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व