लखीमपुर। नाबालिग लड़की के अपहरण के 17 साल पुराने मामले में एडीजे भूलेराम ने आरोपी को डेढ़ साल के कारावास और पांच सौ रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। हालांकि आरोपी पहले ही कारावास की सजा काट चुका है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक गोला थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली नाबालिग लड़की के परिवार से आरोपी छोटे और कल्लू की रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते 16 मई 2008 को जब पीड़िता अपने पिता को खाना देने के लिए खेत जा रही थी, तभी बरमबाबा स्थान के पास कल्लू और छोटे अपने दो साथियों के साथ नौ साल की पीड़िता को अपने साथ लेकर चले गए।
घर वाले शाम को परेशान होकर तलाश करते रहे, लेकिन कुछ पता नहीं चला। कई दिनों के बाद पीड़िता को लहरपुर पुलिस ने बरामद कर गोला पुलिस के हवाले किया था। अदालत में बयान दर्ज कराने के दौरान पीड़िता ने चारों आरोपियों के खिलाफ मारपीट करने और धमका कर साथ ले जाने की बात कही थी। अदालत में पीड़िता और उसके पिता के साथ मायाराम ने भी बयान दर्ज कराते हुए छोटे और कल्लू को पीड़िता के पीछे जाते हुए देखने की बात कही थी।
अदालत की सुनवाई के दौरान कल्लू की सन 2012 में ही मौत हो गई थी। गरीबी के चलते छोटे के पास मुकदमा लड़ने के पैसे नहीं थे, तो अदालत ने सरकारी खर्च पर अधिवक्ता उपलब्ध कराया था। बुधवार को अदालत ने एडीजे भूलेराम ने आरोपी छोटे को दोष सिद्ध करते हुए डेढ़ साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया है।