लखीमपुर खीरी। मनरेगा से जॉब कार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में लखीमपुर खीरी प्रदेश में छठे स्थान पर है। पहला स्थान पड़ोसी जनपद बहराइच, दूसरा स्थान सीतापुर और तीसरा स्थान बाराबंकी को मिला है। खीरी में 16,848 श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार मिला है।
उपायुक्त मनरेगा प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2021-22 में मनरेगा से 72,27,078 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके सापेक्ष 94,05,310 मानव दिवस सृजित किए गए। जो वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 130.14 प्रतिशत है। फिर भी 100 दिन का रोजगार पाने वाले जॉब कार्ड धारकों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाई।
विभाग के रिकॉर्ड में कुल 6,27,223 जॉब कार्ड धारक हैं, जिसमें से 3,91,846 जाब कार्ड धारक सक्रिय हैं और विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्य कर रहे हैं। शेष 2,35,377 धारक मनरेगा में काम नहीं कर रहे हैं। मनरेगा से इस वर्ष कुल दो अरब 27 करोड़ 52 लाख 27 हजार रुपये व्यय किए जा चुके हैं। बताते चलें कि जॉबकार्ड धारकों को साल में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इसके लिए सरकार ने प्रदेश के सभी जनपदों में 20 लाख जॉबकार्ड धारकों को 100 दिन का रोजगार दिलाने के लिए मिशन 20 लाख अभियान चलाया था। इस लिहाज से जनपद में कम से कम औसतन 26,666 जॉबकार्ड धारकों को 100 दिन का रोजगार दिया जाना था, लेकिन 16,848 जॉबकार्ड धारकों को 100 दिन का रोजगार मिल पाया है।
पहले स्थान पर रहे बहराइच में 29,615 श्रमिकों, दूसरे स्थान पर रहे सीतापुर में 28835 श्रमिकों, तीसरे स्थान पर रहे बाराबंकी में 26644 श्रमिकों, चौथे स्थान पर रहे सुल्तानपुर में 22068 श्रमिकों और पांचवें स्थान पर रहे ललितपुर में 19373 श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार दिया गया है।