लखीमपुर खीरी। जिले की मिट्टी में उपजा आम इन दिनों मंडियों और बाजारों में मिठास घोल रहा है। स्थानीय बागानों से बड़ी मात्रा में आम पहुंचने के साथ बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मलिहाबाद, खैराबाद, सिधौली और सहारनपुर से भी विभिन्न किस्मों के आम मंगाए जा रहे हैं। इससे बाजार में ग्राहकों को कई वैरायटी के आम उपलब्ध हो रहे हैं।
जिले के मोहम्मदी, पसगवां, रमियाबेहड़, पलिया, बिजुआ, सिंगाही, ओयल और लखीमपुर क्षेत्र में करीब 1700 हेक्टेयर में आम की खेती होती है। यहां दशहरी, लंगड़ा, चौसा और फजली के साथ केसर, सिंदूरी, खासमखास, अल्फांसो और तोतापरी जैसी किस्में भी लोगों की पसंद बन रही हैं।
मंडी व्यापारी जावेद, आमिर, याकूब और इखलाक बताते हैं कि स्थानीय बागानों के आम के साथ मलिहाबाद, खैराबाद और सिंधौली से दशहरी, जबकि सहारनपुर से लंगड़ा, चौसा और सफेदा आम मंडियों में पहुंच रहा है। इन किस्मों के आम 40 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं।
व्यापारियों के अनुसार, प्रतिदिन करीब 2000 कैरेट आम मंडी पहुंच रहा है। एक कैरेट में लगभग 20 किलो आम होता है। भरपूर आवक से ग्राहकों को पसंदीदा किस्मों के आम उचित कीमत पर मिल रहे हैं। वहीं कारोबारियों को भी अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
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तीन से पांच जुलाई तक लखनऊ में होगा यूपी आम महोत्सव
उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग की ओर से तीन से पांच जुलाई तक लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में यूपी आम महोत्सव-2026 का आयोजन होगा। वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक अनिल वर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी में भाग लेने वाले किसानों को दो जुलाई सुबह 10 बजे तक पहुंचना होगा। उसी दिन अपराह्न चार बजे जजिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी। महोत्सव में आम उत्पादन और प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी।