करसौर में शारदा नदी की कटान के चलते मकान तोड़ते लोग।
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लखीमपुर खीरी के बिजुआ ब्लॉक क्षेत्र के गांव करसौर में शारदा नदी की कटान से स्थिति चिंताजनक हो गई है। मंगलवार देर शाम करसौर गांव का सातवां मकान भी नदी में समा गया। इससे पहले छह मकान कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। नदी के कटान से चंद्रिका, मुकेश, पुनीत, सोनू, ओमप्रकाश, शिवकुमार और अशर्फी के परिवार बेघर हो गए हैं। गांव के अन्य घर भी कटान के निशाने पर बने हुए हैं। इससे भयभीत लोग खुद ही अपने घरों को तोड़कर पलायन करने के लिए विवश हो रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र के नयापुरवा और चकपुरवा गांव पूरी तरह नदी में समा चुके हैं। इन गांवों के विस्थापित लोग आज भी बांधों पर झोंपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। कई एकड़ फसल और कृषि योग्य भूमि नदी में बह चुकी है। बेचेपुरवा गांव भी अब शारदा नदी से चंद कदमों की दूरी पर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन हर साल केवल निरीक्षण और रिपोर्ट तक सीमित रहता है। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती।
गोला तहसीलदार भीमशंकर सिंह ने बताया कि दो मकानों की सहायता राशि कटान पीड़ितों को भेज दी गई है तथा अन्य मकानों की फाइल भी पूर्ण है। उसे भी जल्दी भेज दिया जाएगा। प्रशासन से मिलने वाली सभी राहत संबंधी सहायता दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।