35 हजार रुपये मांगी थी रिश्वत
गांव के विपक्षियों ने ट्यूबवेल को चकमार्ग पर बताया। कई बार पैमाइश हुई लेकिन ट्यूबवेल उनके खेत में ही निकला। एक बार फिर पैदाइश हुई। इस बार लेखपाल व कानूनगो राजकुमार ने ट्यूबवेल को अवैध बताया। आरोप है कि ट्यूबवेल बचाव के लिए लेखपाल व कानूनगो ने 35 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। किसान ने 15 हजार रूपये लेखपाल को और 15 हजार रुपये कानूनगो को दिए। कानूनगो राजकुमार को रिश्वत देने वक्त किसी ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
एसडीएम मितौली विनीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि किसान की तरफ से प्रार्थनापत्र दिया गया है। चकमार्ग पर अवैध कब्जा था, जिसे हटाया गया है। रुपये लेने के वीडियो की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।