स्टेशन पर बैठीं ट्रेन से उतारी गईं महिलाएं
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जैसे ही ट्रेन रेलवे स्टेशन पर पहुंची, पुलिस ने ट्रेन के इंजन के बाद दूसरे कंपार्टमेंट में बैठे कंधई पुर निवासी पीड़ितों को डांट-फटकार कर बलपूर्वक उतार लिया और जीआरपी चौकी के पास जमीन पर बैठा लिया। उतारे गए लोगों में कुछ महिलाओं के गोद में बच्चे थे, जो पुलिस के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे। ट्रेन जाने के बाद पुलिस ने कंधईपुर के लोगों को दो टाटा मैजिक में बिठाकर वापस घर भेज दिया। सीओ ने बताया है कि एसओ राहुल सिंह लाइन हाजिर कर दिए गए हैं।
पुलिस की दिखी संवेदनहीनता
कंधईपुर के लोगों के साथ पुलिस ने मैलानी के ही वार्ड संख्या 6 दामोदरपुर निवासी खेमकरन यादव को भी परिवार समेत उतार लिया। खेमकरन कहते रहे कि वह अपनी रिश्तेदारी में दुल्लापुर जा रहे हैं लेकिन पुलिस उनकी एक न मानी। ट्रेन छूटने के बाद खेमखरन को पत्नी और दो बेटों के साथ वापस लौटना पड़ा। मामले की जानकारी करने पर प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार दुबे का कहना था कि उनके पास किसी को पहचानने का कोई पैमाना नहीं है।
फोर्स देख सहमे यात्री
रविवार को रेलवे स्टेशन पर अचानक भारी पुलिस फोर्स पहुंचा तो यात्री सहम गए। जैसे ही ट्रेन रुकी पुलिस के लोग ट्रेन में कंधईपुर के लोगों को तलाशने लगे। इंजन से सटी बोगी में ग्रामीण मिले तो पुलिस ने खौफ दिखाना शुरू कर दिया। जबरन लोगों को उतार लिया।
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ग्रामीण और उनके छोटे बच्चे पुलिस के सामने गिड़गिड़ाते रहे मगर पुलिस को तरस नहीं आया। इतना ही नहीं सभी को ट्रेन से उतारकर चौकी के पास जमीन पर ही बैठा दिया। किसी को खड़े होने की इजाजत भी नहीं दी। ट्रेन चले जाने के बाद में इन लोगों को पुलिस ने सीधा कंधईपुर भेज दिया। कंधईपुर के लोगों के साथ पुलिस ने मैलानी के ही वार्ड संख्या 6 दामोदरपुर निवासी खेमकरन यादव को भी परिवार समेत उतार लिया।
खेमकरन कहते रहे कि वह अपनी रिश्तेदारी में दुल्लापुर जा रहे हैं लेकिन पुलिस उनकी एक न मानी। ट्रेन छूटने के बाद खेमखरन को पत्नी और दो बेटों के साथ वापस लौटना पड़ा। मामले की जानकारी करने पर प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार दुबे का कहना था कि उनके पास किसी को पहचानने का कोई पैमाना नहीं है।