फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैैश नहीं मिला तो कर दिया हाईवे जाम

Thu, 02 Feb 2017 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  निघासन। 
विज्ञापन
हंगामा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
निघासन की स्टेट बैंक शाखा में कैश न मिलने पर भड़के खाता धारक  
विज्ञापन


स्टेट बैंक शाखा में कई दिनों से कैश न मिलने से नाराज खाताधारकों ने पलिया-निघासन स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया और बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। गुस्साए लोग करीब एक घंटे तक हंगामा करते रहे। मौके पर पहुंचे भाजपा प्रत्याशी रामकुमार वर्मा ने प्रदर्शनकारियों कोसमझाने का प्रयास किया पर वे नहीं माने। इसी बीच पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कर जाम खुलवाया। 
पिछले शुक्रवार से कस्बे के स्टेट बैंक में कैश न होने के कारण लोग काफी परेशान थे। बुधवार को बैंक शाखा लेनदेन नहीं करती है, जिससे खाताधारकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती हैं। खाताधारकों का आरोप है कि स्टेट बैंक में भुगतान के लिए आए दिन टरकाया जाता है। बृहस्पतिवार को वे लोग बैंक पहुंचे और लाइन में लगकर खड़े हो गए। दिन में करीब 11 बजे बैंक कर्मचारियों ने कैश न होने के कारण भुगतान न होने की बात कही तो लोगों में रोष पनप गया। खाताधारकों में रोष देख बैंक कर्मियों ने बैंक का शटर बंद कर ताला जड़ दिया। इससे नाराज खाताधारक निघासन-पलिया रोड पर आ गए और हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर भाजपा प्रत्याशी रामकुमार वर्मा मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। इसी बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल लोगों को शांत कराया और जाम खुलवाया। इस दौरान करीब सवा घंटे तक हाईवे पर आवागमन ठप रहा। 
विज्ञापन

 
खाताधारकों की जुबानी परेशानी
खाताधारक मंजीत कौर ने बताया कि उसकी पुत्री सुखविंदर कौर की अगले सप्ताह शादी है, उसके पति बलविंदर सिंह बीमार हैं। कई दिनों से बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं दिया जा रहा हैं। ज्ञानवती ने बताया कि उसका बेटा गंगाराम बीमार हैं। वह तीन दिनों से बैंक में आ रही हैं पर उसे भुगतान नहीं मिल रहा हैं। शालिनी देवी ने बताया कि उसका पुत्र राकेश कुमार बंगलुरू जाना चाहता हैं। किराए के पैसे लेने के लिए बैंक के चक्कर काट रही है। महाराजनगर निवासी ज्ञान देवी ने बताया कि वह काफी बीमार हैं। पैसा न होने के कारण वह अपना इलाज नहीं करा पा रही हैं। दुर्गापुरवा की ऊषा मौर्या ने बताया कि उनके ससुर रामचरन सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। वह लखीमपुर में भर्ती हैं। इलाज के पैसे न होने के कारण डॉक्टर उनको अस्पताल से ले जाने का दबाव बना रहा हैं। बैंक पैसा नहीं दे रहा है। इसके अलावा रामजन्म बोकरिहा, राजेंद्र सिंह खैरहनी आदि ने बताया कि भुगतान न मिलने के कारण गन्ने की बुवाई तथा गेहूं में खाद डालना काफी पिछड़ गया हैं। 
 
अन्य बैंकों में भी नहीं था कैश
बृहस्पतिवार को इलाहाबाद बैंक, लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी, स्टेट बैंक में भी कैश नहीं था। खाताधारक काफी परेशान थे। हालांकि स्टेट बैंक को छोड़कर अन्य बैंकों में बाद में कैश आ गया।
 
जाम के करीब 45 मिनट बाद पहुंची पुलिस 
खाताधारकों ने सड़क पर जाम लगा दिया। वाहनों की दोनों तरफ लंबी कतार लग गई। मामला बिगड़ता हुआ देखकर किसी ने एसपी को फोन किया। करीब 45 मिनट बाद वहां पर पुलिस पहुंची और जाम खुलवाया। 
विज्ञापन

 
बुधवार को बैंक में लेनदेन नहीं किया जाता हैं। कैश के लिए लिखित में उच्चाधिकारियों से मांग की गई, लेकिन भुगतान नहीं मिल सका। किसी तरह से यहां के व्यापारियों से कुछ पैसा जमा कराकर कुछ लोगों को भुगतान दिया गया। 
-रजनीश श्रीवास्तव शाखा प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें