लखीमपुर खीरी। नौ अक्तूबर को हुए चर्चित थप्पड़ कांड की गूंज अभी थमी नहीं है। इस घटना में पीड़ित सदर विधायक योगेश वर्मा लखनऊ में मौजूद होने के बाद भी सोमवार से शुरू हुए विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के पहले दिन शामिल नहीं हुए।
उन्होंने कहा है कि उन्हें अपने साथ हुई घटना में न्याय नहीं मिला। ऐसे में वह विधानमंडल सत्र में अपने साथियों के बीच क्या मुंह लेकर जाएं।
योगेश वर्मा ने कहा है कि नौ अक्तूबर को लखीमपुर अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की प्रधान शाखा के बाहर उनके साथ मारपीट की जो घटना हुई, उसमें अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री से शिकायत की थी।
उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था, इसके बाद भी उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला।
इस कारण विधानमंडल सत्र में जाने की उनकी हिम्मत नहीं हो रही है। आखिर वह क्या मुंह लेकर अपने साथी विधायकों के सामने जाएं।
विधायक का उनका बयान आने के बाद सोमवार को पूरे दिन जिले के राजनीतिक गलियारे में हलचल देखी गई। लोग पूरे मामले क चर्चा करते नजर आए। हालांकि कोई भी इस मामले में बोलने से बचता रहा। सोशल मीडिया पर भी ये मामला दिन भर सुर्खियों में रहा।