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फिर बिजली-पानी से जूझेंगे लोग

Fri, 13 Mar 2015 11:51 PM IST
लखीमपुर खीरी
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गर्मी में शहरवासियों को होने वाली कठिनाइयों को दूर करने को लेकर नगर पालिका और बिजली विभाग अधिकारी संजीदा नहीं हैं। दोनों विभागों के पास इस वर्ष नगरीय क्षेत्र के 27 वार्डों की 1.52 लाख की आबादी की दिक्कतों से निपटने के लिए न तो कोई प्लान है और न ही उनकी तैयारियां पूरी हो पाई हैं। नगर पालिका के पास जो वर्षों पुराने संसाधन हैं, उन्हीं से लोगों को पेयजल की नियमित सप्लाई देने का दावा किया जा रहा है। वहीं बिजली अधिकारी जल्द जर्जर तारों को बदलकर ट्रांसफार्मर लगाने में तेजी दिखाने की बात कह रहे हैं।
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अतिरिक्त एसडीएम/ईओ नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गर्मी में शहरवासियों को समुचित पेयजल की सप्लाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नगर पालिका कर्मियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सभी ओवरहेड टैंकों और ट्यूबवेलों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। जरूरी होने पर और संसाधनों की व्यवस्था करवाई जाएगी।
जेई, बिजली विभाग मनोज पुष्कर ने बताया कि ओवरलोडिंग वाली जगहों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि कर दी गई या दूसरा नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है। जर्जर लाइनों की जगह चिह्नित जगहों पर बंच कंडक्टर लगाया जा रहा है। गर्मी में किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए उपकेंद्रों पर भी खराब उपकरण बदले गए हैं।
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क्या नगरीय क्षेत्र की पेयजल की व्यवस्था
-27 वार्डों में 11 ओवरहेड टैंक और 31 ट्यूबवेल हैं
-सप्लाई के लिए 90 किलोमीटर पाइप लाइन बिछी है
-शिवकॉलोनी, कृष्णा टाकीज और शास्त्रीनगर सहित चार ट्यूबवेल सीधे पाइप लाइनें से जुड़े हैं
-वार्डों में जगह-जगह 1080 हैंडपंप लगे हैं, सभी के दुरुस्त होने का दावा
150 लीटर पानी प्रतिव्यक्ति खर्च का है मानक  
नगर पालिका के आंकड़ों पर गौर करें तो नगरीय क्षेत्र में प्रतिदिन 150 लीटर प्रतिव्यक्ति पानी खर्च का मानक है। यह आंकड़ा कई वर्ष पुराना है। दोबारा नगर पालिका पानी खर्च के मानक का पता नहीं किया है। इस हिसाब से नगरीय क्षेत्र में प्रतिदिन करीब दो करोड़ 20 हजार लीटर पानी खर्च हो रहा है।
दो जेनरेटरों से पानी सप्लाई पर सवाल
गर्मी के दिन में बिजली की कटौती से पेयजल सप्लाई चरमरा जाती है। ऐसे में नगर पालिका के पास पेयजल की सप्लाई के लिए वर्षों पुराने सिर्फ दो जेनरेटर हैं, जिनसे पूरे शहर में नियमित पेयजल सप्लाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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फिर झेलनी पड़ेगी बिजली की दिक्कत
-एआरपीडीआरपी योजना में 170 ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे, लेकिन अभी सिर्फ 69 ट्रांसफार्मर ही लगे हैं।
-90 किलोमीटर तक जर्जर बिजली लाइनों को बदलकर बंच कंडेक्टर नहीं लग पाए हैं
-1600 बिजली खंभों में अभी सिर्फ 500 के करीब ही बिजली खंभे लग पाए हैं।
क्या हैं बिजली की मुख्य समस्या
 -तीनों उपकेंद्रों पर नियमित कर्र्मचारियों की कमी और जर्जर उपकरण
-संविदाकर्मियों के पास औजार, दास्ताना, रस्सी, ट्रॉली की दिक्कत
-आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कई वर्षों से सिर्फ चार ही मोबाइल ट्रांसफार्मर
-ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की इस साल  भी रहेगी दिक्कत


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