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नौकरियों से हाथ धो रहे रजागंज घुंघची के युवा

Fri, 22 May 2015 06:43 PM IST
लखीमपुर/रजागंज
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ब्लाक सदर क्षेत्र के रजागंज घुंघची गांव के लोगों को प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। एनआईसी के साफ्टवेयर में ग्राम पंचायत के ऑनलाइन न होने के कारण लोगों के आय, जाति, निवास और मृतक प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहे हैं। जिसके चलते गांव के युवाओं को सरकारी नौकरियों से भी हाथ धोना पड़ रहा है।
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अभी हाल ही में सेना में भर्ती के लिए युवाओं को आमंत्रित किया गया था। इस ग्राम पंचायत से भी सेना में भर्ती होने के लिए छह युवा गए थे, लेकिन जब कागजातों की छानबीन की गई तो सिर्फ दो ही युवकों के पास जाति, आवास और निवास प्रमाण-पत्र मिले, जो पहले से बने हुए थे। अन्य चार युवकों को सिर्फ इसलिए भर्ती प्रक्रिया में भाग नहीं लेने दिया गया क्योंकि उनके पास कागजात पूरे नहीं थे। इससे पहले भी प्रमाण-पत्रों के अभाव में कई युवा सरकारी विभागों की नौकरियों में हिस्सा लेने से वंचित हो चुके हैं। यह समस्या सिर्फ इन युवाओं की ही नहीं है, बल्कि प्रमाण-पत्रों के अभाव में पढ़ाई के लिए एक-दूसरे स्कूल में दाखिला न मिलने से भी विद्यार्थी परेशान हैं। पंचायत के ग्रामीण पिछले एक साल से सदर तहसील समेत तमाम दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। ग्राम प्रधान राकेश सिंह कहते हैं कि ऑनलाइन फीडिंग के लिए तत्कालीन डीएम, एडीएम, एनआईसी सहित कई जगहों पर प्रार्थना-पत्र दिया गया और ऑनलाइन फीडिंग कराने की मांग की गई। सभी अधिकारियों ने दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन एक साल गुजरने के बाद भी एनआईसी के साफ्टवेयर में ग्राम पंचायत रजागंज घुंघची को जगह नहीं मिल पाई है, जिसका खामियाजा पंचायत के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
एक साल से नहीं मिली है छात्रवृत्ति
गांव के उमेश वर्मा और बरातीलाल का कहना है कि ऑनलाइन फीडिंग न होने की वजह से रजागंज घुंघची ग्राम पंचायत के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है, जबकि पड़ोसी ग्राम पंचायतों बरगदिया, रमुवापुर समेत अन्य पंचायतों में छात्रवृत्ति मिल रही है।
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प्रधान राकेश वर्मा ने बताया कि एनआईसी केे साफ्टवेयर में ऑनलाइन फीडिंग न होने के कारण रजागंज घुंघची ग्राम पंचायत के लोगों को पिछले एक साल से जाति, आवास, निवास प्रमाण-पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। इन प्रमाण पत्रों के न होने की वजह से बरेली में सेना में भर्ती के लिए गए ग्राम पंचायत के छह युवाओं को वापस कर दिया गया। अब पढ़ाई के लिए स्कूलों में होने वाले प्रवेश में भी दिक्कत आएगी। कई प्रार्थना-पत्रों के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सीडीओ नितीश कुमार सदर ब्लाक के खंड विकास अधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। हो सकता है कि किसी वजह से ऑनलाइन फीडिंग न हो पाई हो, अब जल्द कार्रवाई कराई जा रही है।
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