लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली क्षेत्र में श्मशान की करीब छह बीघा जमीन पर सोमवार रात जेसीबी चली। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने मंगलवार सुबह महेवागंज चौकी पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने भाजपा नेता पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है।
लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सैधरी और सिंगारपुर गांव से होकर गुजरने वाली उल्ल नदी के किनारे की करीब छह बीघा जमीन पर सोमवार रात जेसीबी चली। मंगलवार सुबह सिंगारपुर के ग्रामीणों को जब पता चला तो वह नाराज होकर महेवागंज चौकी चले गए और प्रदर्शन करने लगे। आरोप है कि सैधरी के भाजपा से जुड़े एक नेता कब्जा करने की कोशिश में हैं। उधर, हंगामे की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ने दोनों गांवों के लोगों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।
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जानकारी के मुताबिक सैधरी और सिंगारपुर गांव के पास निकली उल्ल नदी किनारे करीब छह बीघा भूमि है। इस भूमि से सिंगारपुर और सैधरी गांव लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर है। सिंगारपुर के लोग इसे श्मशान की भूमि बता रहे हैं। उनका कहना है कि पुरखों के जमाने से दशकों से इस भूमि पर हिंदू रीति रिवाज से शवों का अंतिम संस्कार होता आ रहा है। सोमवार की रात इस भूमि पर कुछ लोगो ने जेसीबी से भूमि की खुदाई कर कब्जा शुरु कर दिया।
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मंगलवार को जब जानकारी मिली तो विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में लोग पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस को शिकायती पत्र दिया। आरोप लगाया कि भाजपा के एक नेता की शह पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उधर, सूचना पर सदर तहसीलदार सुशील प्रताप मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने जांच होने तक भूमि पर किसी प्रकार किसी को कार्य न करने की चेतावनी दी। तहसीलदार ने बताया कि राजस्व रिकार्ड में मरघट की भूमि नहीं है। जांच की जाएगी।
आरोपों के मामले में भाजपा नेता व पूर्व प्रधान सैधरी रविंदर सिंह ने बताया कि यह जमीन सैधरी ग्राम समाज की जमीन है। 323 क, ख ग पर पट्टे है। नदी के चलते काफी समय से यह भूमि परती पड़ी हुई थी। पट्टेदार नदी किनारे अपनी इस भूमि पर कब्जा कर रहे थे। नदी पार सिंगारपुर के कुछ लोगो ने विवाद खड़ा किया् है। जांच में सच सामने आ जाएगा।