हमेशा की तरह इस बार भी प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान छोटे दुकानदारों तक सीमित रहा। खोखे आदि तोड़कर सामान जब्त कर लिया गया, जबकि बड़े दुकानदारों को सामान हटाने में रियायत दे दी गई। इसका जब छोटे दुकानदारों ने विरोध किया तो उनकी आवाज दबा दी गई। इस बार कई स्थानों पर जेसीबी गरजी।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एसडीएम पीके सिंह के नेतृत्व में एसडीएम मितौली शादाब असलम, सीओ रामआसरे सिंह, एसओ केपी सिंह, एसएसआई केएन सिंह, एसआई नितीश भारद्वाज, एसआई अशोक कुमार, चौकी इंचार्ज पलिया योगेंद्र प्रसाद, एसआई दिनेश यादव समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल ने शहर के कमल चौराहे से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की। सड़कों के किनारे रखे खोखे आदि को हटा दिया तो बोर्ड गिरा दिए गए। सड़कों किनारे लगे होर्डिंग्स को भी हटाया गया और सारा माल जब्त कर लिया गया। ठेलिया आदि पर सामान बेचने वालों को खदेड़ दिया गया। ये सिलसिला भीरा रोड, चौकी तिराहा, स्टेशन रोड, पुरान बस अड्डे, बाइपास रोड, टेहरा तक चला। अभियान को लेकर छोटे दुकानदार गुस्से में नजर आए। तमाम बड़े दुकानदारों को सामान हटाने का मौका देकर राहत दे दी गई। अभियान के दौरान शहर में हड़कंप मचा रहा और तमाम लोग अपना सामान हटाकर इधर उधर ले जाते रहे।
... जब नाराज होकर लौट गए एसओ
पक्षपात को मुहर तब लगी, जब पुलिस के एक अधिकारी ने एक बड़े होटल स्वामी के चबूतरे को बचाने को कहा। इससे एसओ नाराज हो गए और कहा कि सबके साथ एक जैसा बर्ताव किया जाना चाहिए। इसको लेकर उनकी उक्त अधिकारी से नोकझोंक भी हुई। इसके बाद एसओ पुलिस बल को लेकर वहां से वापस चले गए। हालांकि कुछ देर बाद वह वापस आ गए।
कई जगह करना पड़ा विरोध का सामना
स्टेशन रोड पर बड़े दुकानदारों को राहत मिलने से नाराज लोगों के विरोध का सामना अधिकारियों को करना पड़ा, यह बात दीगर रही कि उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया।