बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज जंगल से सटे स्टेट हाईवे पर एक फिशिंग कैट (प्रियनैलुरस विवरिनस) का शव मिला है। वन विभाग ने कैट के शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फिशिंग कैट की मौत वाहन से कुचलकर होने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों ने मृत फिशिंग कैट को बिल्ली समझकर इसकी सूचना वन विभाग को दी थी। लोगों की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे रेंजर राकेश बाबू वर्मा, फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, हरी बाबू भारती ने कैट का शव कब्जे में लेने के साथ इसकी सूचना दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
डीडी के निर्देश पर भीरा रेंज परिसर में दो पशु चिकित्सक दुधवा नेशनल पार्क के डॉ. दया और भीरा पशु चिकित्सालय के डॉ. ब्रजेश त्रिपाठी ने फिशिंग कैट का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वाहन से कुचलकर फिशिंग कैट की मौत की पुष्टि हुई है।
वन विभाग ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने स्मॉल कैट के संरक्षण के लिए हाल ही में एक योजना बनाई है। इसमें दुधवा टाइगर रिजर्व को भी शामिल किया गया है। इस दौरान फिशिंग कैट की मौत वन विभाग के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
फिशिंग कैट प्राय: जलाशयों, नदी और नालों के किनारे रहती हैं और यह मछली का शिकार करती है। इसलिए इसे फिशिंग कैट कहते हैं। यह लुप्त प्राय शेड्यूल वन का प्राणी है।
स्मॉल कैट के संरक्षण को दुधवा टाइगर रिजर्व का भी चयन
यूनाइटेड नेशंस डेवलेपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के ग्लोबल एनवायरमेंट फैसिलिटी (जीईएफ) के तहत स्मॉल कैट के संरक्षण के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व का भी चयन किया गया है। इसमें भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई), ग्लोबल टाइगर फोरम (जीटीएफ) और वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) समेत कई संस्थाएं स्मॉल कैट के संरक्षण और संवर्धन पर योजनाबद्ध ढंग से कार्य करेंगी।
पहले भी हादसों में मर चुकीं हैं दो फिशिंग कैट
भीरा रेंज में अलग-अलग स्थानों पर सड़क हादसे में दो फिशिंग कैट की पहले भी मौत हो चुकी है। इनमें एक फिशिंग कैट का शव दिसंबर 2020 में किशनपुर सेंक्चुरी में रेलवे ट्रैक पर पाया गया था। दूसरे का का शव अक्टूबर 2020 में पलिया रोड पर शारदा पुल के पास मिला था।
भीरा रेंज में वाहन से कुचलकर एक फिशिंग कैट की मौत हो गई। पार्क प्रशासन ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। साथ ही अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन