धौरहरा। छह नवंबर को हुए बालक रोहित हत्याकांड का पुलिस ने 22 दिन बाद शुक्रवार को खुलासा कर दिया। रोहित ने एक प्रेमी जोड़े को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। भेद खुलने के डर से प्रेमी जोड़े ने रोहित की खुरपे से गला रेतकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आला-ए-कत्ल बरामद करते हुए प्रेमी जोड़े को जेल भेज दिया है।
सीओ धौरहरा प्रीतमपाल सिंह ने बताया कि छह नवंबर को टेकीकुंडा निवासी रोहित (10) अचानक घर से लापता हो गया था। उसके चाचा ने सात नवंबर को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जानकारी होने पर पुलिस ने तलाश शुरू की तो रोहित का शव नौ नवंबर को बच्चा लाल वर्मा के खेत में बरामद हुआ था।
मृतक की मां मंजू देवी ने पड़ोसी गांव निवासी दूसरे समुदाय के चार लोगों को नामजद कराया था। पुलिस ने जांच शुरू की तो हत्याकांड की परतें खुलने लगीं। पुलिस ने काॅल डिटेल और मुखबिरों का भी सहारा लिया। 22 दिन जांच के बाद आखिर पुलिस ने आरोपी मिल गए।
सीओ के मुताबिक, रंजीत कुमार वर्मा निवासी होलागढ़ ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर रोहित की हत्या की थी। रोहित ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। यह बात उसके घर वालों को बताने की धमकी दी थी। बताया कि घटना के दूसरे दिन शव को उठाकर घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में छिपाया था। पुलिस ने आरोपी रंजीत कुमार वर्मा और उसकी प्रेमिका शिल्पी को हत्या में इस्तेमाल किए गए खुरपे के साथ गिरफ्तार कर लिया।