बैठक से गायब सीएमओ से स्पष्टीकरण कार्रवाई के निर्देश
अक्तूबर तक अधिकारियों की छुट्टी पर लगाई रोक
बाढ़-कटान प्रभावितों को तत्काल पहुंचाएं सहायता
जिले में बाढ़-कटान से हुए नुकसान का हेलीकाप्टर से हवाई सर्वेक्षण करने के बाद सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने राहत कार्यों की समीक्षा में कहा है कि बाढ़-कटान प्रभावितों को तुरंत मदद पहुंचाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बाढ़ में जनहानि हुई, तो संबंधित अधिकारी नपेंगे। बैठक से सीएमओ डॉ. जावेद अहमद के गायब होने पर सिंचाई मंत्री ने नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण तलब किया और कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए डीएम को निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने अक्तूबर तक किसी अधिकारी को अवकाश न देने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में समीक्षा के दौरान डीएम आकाश दीप ने बाढ़-कटान से हुए नुकसान का ब्यौरा पेश करते हुए बताया कि चार तहसीलें पलिया, निघासन, धौरहरा और लखीमपुर प्रभावित हैं। 40 बाढ़ चौकी और 20 बाढ़ केंद्र स्थापित किए गए हैं। अभी तक 22 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जिसमें एक जनहानि के साथ ही 158 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। करीब 1643 हेक्टेअर भूमि प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ और फ्लड पीएसी की तैनाती के साथ ही 439 नावों और 63 गोताखोर चिन्हित किए गए हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी वीबी राम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाएं वितरित कराने की बात कही, जिस पर निघासन ब्लॉक की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 12 और फूलबेहड़ ब्लॉक के पिपरा गूम के प्रधानों ने आपत्ति दर्ज कराई ओर गांवों में दवाएं वितरित न किए जाने की बात कही। राज्यमंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि गांवों में राहत सामग्री वितरित करने के दौरान जनप्रतिनिधियों को सूचना देकर जरूर बुलाया जाए, जिससे तालमेल बना रहे। प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा ने बाढ़ का प्रकोप समाप्त होने पर संबंधित अधिकारी मास्टर प्लान तैयार करें, जिससे बाढ़ का प्रभाव कम किया जा सके। बैठक में एसपी डॉ. एस चन्नप्पा, एडीएम उमेश नारायण पांडेय, एसडीएम रामप्रकाश सहित जनप्रतिनिधि, प्रधान समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
इन गांवों का किया हवाई सर्वेक्षण
विकास खंड गांव
ईसानगर हुलासपुरवा, सुजानपुर
निघासन तिकुनियां सूरतनगर
पलिया, ब्रिज, शारदा बैराज और गिरिजा बैराज का भी सर्वेक्षण किया।
जिलाध्यक्ष और विधायक ने रखे सुझाव
बाढ़ की विभीषिका से कैसे निपटा जाए, इस पर जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गए। जिलाध्यक्ष शरद वाजपेयी ने कहा कि जिले में एक ड्रेजर उपलब्ध कराया जाए, ताकि नदियों की धारा बदलने से पहले सिल्ट सफाई कर प्रवाह सामान्य किया जा सके। विधायक रामकुमार वर्मा, योगेश वर्मा और मंजू त्यागी ने भी क्षेत्र में बाढ़ की समस्या के स्थायी निदान की मांग की और सिंचाई विभाग द्वारा संचालित परियोजनाओं में धांधली किए जाने की शिकायत भी की है।
टीआर 20 मद से करें खर्च
सिंचाई मंत्री ने कहा है कि बाढ़ के दौरान कोई नई परियोजना के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया जाएगा। इस दौरान डीएम टीआर 20 मद से खर्च कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद कार्य शुरू कराए जाएंगे।