रेस्क्यू वैन से उतर कर बाघ शावक से कुछ दूरी पर खड़े वन कर्मी। स्रोत-सोशल मीडिया।
बांकेगंज। दुधवा में वन कर्मियों के रेस्क्यू वैन से जंगल भ्रमण करने और वन्यजीवों के प्राकृतवास में खलल डालने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग में खलबली मच गई है। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजा मोहन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
दुधवा की किशनपुर सेंक्चुरी में सोमवार को कुछ वन कर्मी टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू वाहन को लेकर जंगल भ्रमण के लिए निकल पड़े। बताया जा रहा है कि जंगल के बीच एक जगह बाघ का शावक दिखने पर वे लोग सैलानियों की जिप्सी को ओवरटेक कर आगे निकले और रेस्क्यू वाहन को रोक दिया। वन कर्मियों ने रेस्क्यू वाहन के नीचे उतरकर शावक के करीब पहुंचने की कोशिश की और उसका वीडियो और फोटो बनाते रहे।
इस बीच काफी देर तक शावक को घेरे रखा गया। इससे विचलित होने पर शावक झाड़ियों में छिप गया। उनके पीछे जिप्सियों से जंगल भ्रमण करने आए सैलानियों ने उनकी यह करतूत मोबाइल फोन में कैद कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। एफडी ने इसे गंभीरता से लेते हुए किशनपुर अभयारण्य के वन्यजीव प्रतिपालक को जांच के निर्देश दिए हैं।
इस काम में आता है रेस्क्यू वाहन
दुधवा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के घायल, बीमार होने या कहीं फंसे होने की स्थिति में उन्हें पशु चिकित्सकों की देखरेख में सुरक्षित रेस्क्यू किया जाता है। इसके लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन के पास कई रेस्क्यू वाहन हैं। लेकिन इसका इस्तेमाल न तो वन कर्मी कर सकते हैं न ही सैलानियों को इनसे भ्रमण कराया जाता है।
रेस्क्यू वाहन से जंगल भ्रमण करने का मामला सामने आया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
- डाॅ. एच राजा मोहन, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व।