जिला कारागार में कैदियों को जानकारी देते मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला। स्रोत : स्वास्थ्य विभाग
लखीमपुर खीरी। पलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता की अध्यक्षता में संगोष्ठी आयोजित हुई। विशेषज्ञों ने नशीली दवाओं के बढ़ते चलन पर चिंता जताते हुए लोगों से नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
सीएमओ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग डे का उद्देश्य बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को नशीली दवाओं की लत से बचाना है। सीएचसी पलिया में ओपिओइड सब्स्टिट्यूशन सेंटर स्थापित है, जहां वर्तमान में 74 लोगों का उपचार चल रहा है।
गोष्ठी का संचालन काउंसलर अंकित दीक्षित ने किया। इसमें डॉ. प्रमोद रावत, डॉ. नवीन गुप्ता, रंजीत कुमार, अधीक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. भरत सिंह, जितेन सिंह, डॉ. अभिषेक वर्मा और सचिन वर्मा आदि मौजूद रहे।
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जिला कारागार में कैदियों को दिलाई गई शपथ
लखीमपुर खीरी। जिला कारागार में जागरूकता कार्यशाला आयोजित हुई। मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इससे बचाव के लिए जागरूकता, परामर्श और समय पर उपचार आवश्यक है। इस दौरान कैदियों को नशा विरोधी शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में कारागार अधीक्षक पीडी सलोनिया, जेलर देवकांत वर्मा, डॉ. पंकज कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद