भगवानदीन आर्यकन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक दिवसीय कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कंप्यूटर की उपयोगिता के विषय में छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. निरुपमा अशोक ने कहा कि वर्तमान युग कंप्यूटर साक्षरता का युग है। इसलिए व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए बौद्धिक प्रखरता के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान भी अनिवार्य शर्त है। प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए कंप्यूटर शिक्षा अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला में इंस्टीट्यूट आफ मल्टी मीडिया एंड डिजायन के डायरेक्टर आशीष शुक्ल ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से छात्राओं को परीक्षाओं में ओएमआर सीट भरने का सही तरीका बताते हुए उन्हें अपने कौशल के अनुसार कंप्यूटर कोर्सेज चुनने का सुझाव दिया। ऑन लाइन फार्म भरना, परीक्षाफल देखना, अध्ययन सामग्री का लाभ उठाना और शोध के क्षेत्र में ऑन लाइन विषय सामग्री का लाभ उठाने के तरीके बताए। कंप्यूटर क्षेत्र में रोजगार के क्षेत्र में कंप्यूटर दक्षता का महत्व भी उन्होंने बताया।
कार्यशाला का आयोजन डॉ. अन्नपूर्णा गुप्ता, डॉ. पुष्पा मलिक और डॉ. बीना रानी गुप्ता की तीन सदस्यीय समिति ने किया। इस मौके पर डॉ. गीता शुक्ला, डॉ. शशि प्रभा बाजपेयी, डॉ. सुशीला सिंह, डॉ. रेखा पांडेय, डॉ. सुरचना त्रिवेदी, अर्चना सिंह, रीता सिंह आदि शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पुष्पा मलिक ने किया।