- नियमों को ताक पर रख कर प्रापर्टी डीलरों ने की प्लाटिंग
- आबादी के लिए न पार्क बनवाए और न सड़कों का निर्माण कराया
- पार्क के लिए शहर में जमीन का रोना रो रही है नगर पालिका
पिछले तीन दशकों में जिस तरह शहर की आबादी तेजी से बढ़ी है, उसके मुकाबले पार्क गिनती भर के ही रह गए हैं। वह भी एक सीमित क्षेत्र में। शहर की आबादी का एक बड़ा हिस्सा बच्चों के खेलने-कूदने के लिए एक अदद पार्क की बाट जोह रहा है। पार्कों का निर्माण न होने के पीछे सबसे बड़ी उदासीनता नगर पालिका की रही। पुरानी आबादी के बीच जहां जमीनें खाली पड़ी थीं, वहां अधिकारियों और नगर पालिका के प्रतिनिधियों की साठगांठ से कागजों में हेराफेरी कर उन पर कब्जा कर लिया गया, जिसके कारण मौजूदा समय पार्क के निर्माण के लिए शहर में नगर पालिका के पास कहीं जमीन नहीं बची है। जो पार्क पहले से बने हुए हैं, वह भी नगर पालिका की उदासीनता के कारण उपेक्षित हो गए हैं। पार्कों की कमी का दूसरा कारण प्रापर्टी डीलरों की मनमानी है। प्रापर्टी डीलरों ने अधिकारियों से गठजोड़ कर कालोनी बसाने के मानकों को दरकिनार करते हुए विनियमिती क्षेत्र से बिना नक्शा पास कराए अवैध प्लाटिंग कर दी, जिसमें सड़क और पार्क बनाने सहित कई जन सुविधाओं की अनदेखी की गई। ऐसा कहीं एक जगह नहीं हुआ है, बल्कि शहर में प्रापर्टी डीलरों का यह खेल दशकों पुराना है। गढ़ी, रोड, निघासन रोड, नौरंगाबाद रोड, खीरी रोड, देवकली रोड, गोला रोड सहित कई जगहों पर कई वर्षों से कालोनियों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन मानकों के अनुरूप पार्कों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ है। नतीजतन शहर की आबादी करीब डेढ़ लाख के आसपास पहुंच गई, लेकिन पार्कों की संख्या में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है और जो हैं भी उन्हें उनकी बदहाली पर छोड़ दिया गया है।
प्रापर्टी डीलरों के लिए क्या है मानक
विनियमिती क्षेत्र के के मानक के अनुसार एक एकड़ से ज्यादा की जमीन पर कालोनी बसाने के लिए जरूरी है कि कुल जमीन का 10 प्रतिशत भाग पार्क के लिए छोड़ा जाना आवश्यक है। लेकिन लखीमपुर शहर में प्रापर्टी डीलरों ने मनमानी करते हुए विनियमिती क्षेत्र से बिना ले-आउट पास कराए ही जिम्मेदार अधिकारी से साठगांठ कर जमीन की प्लाटिंग कर दी।
यहां नहीं हैं कोई पार्क
कंपनी बाग को छोड़ दें तो सदर चौराहा, मेन रोड, मिश्राना, इमली चौराहा, आनंद टाकीज रोड, अर्जुनपुरवा, मेला-मैदान क्षेत्र, गोला रोड, निघासन रोड, प्रकाश नगर, नौरंगाबाद क्षेत्र, गढ़ी रोड, संतोषनगर कालोनी आदि क्षेत्रों की आबादी के लिए नगर पालिका द्वारा बनवाया गया एक भी पार्क नहीं है। लिहाजा बच्चों की जिद पर अभिभावकों को बेहजम रोड स्थित पंडित संकटा प्रसाद बाजपेई पार्क या काफी दूर स्थित आवास विकास के पार्क में आना पड़ता है।
आवास विकास में 64 लाख में बनेगा एक और पार्क
शहर के मोहल्ला आवास विकास में एक पार्क पहले से ही बना हुआ है, नगर पालिका की ओर से उसका सौंदर्यीकरण भी कराया गया है। लेकिन हाल में ही लागू हुई अमृत योजना के अंतर्गत आवास विकास एक पार्क स्वीकृत कराया गया है। इस पार्क की स्थापना 64 लाख रुपये में की जाएगी।
नगर पालिका के ईओ अवनींद्र कुमार ने बताया कि आबादी के अनुपात में पार्क की स्थापना का कोई मानक नहीं है। जमीन की उपलब्धता के अनुसार पार्क बनाए जा सकते हैं। लेकिन लखीमपुर शहर में जमीन की कमी है। इसलिए नए पार्क नहीं बनाए जा सकते। जमीन मिलने पर ही पार्कों का निर्माण संभव है।