निघासन(लखीमपुर खीरी)। खेत से भागी बकरी के तार में फंसकर मरने के विवाद ने पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार का मामला उजागर कर दिया। क्रॉस एफआईआर की जांच के दौरान विवेचक दरोगा पर नाबालिग का नाम हटाने के बदले छह हजार रुपये लेने का आरोप साबित होने पर एसपी ने उसे निलंबित कर दिया है।
मामला उस समय शुरू हुआ जब बकरी के मरने को लेकर आरोपियों ने एक नाबालिग की पिटाई कर दी। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों की ओर से थाने में क्रॉस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई। आरोप है कि विवेचना कर रहे दरोगा मोहित कुमार ने पीड़ित किसान के नाबालिग बेटे का नाम एफआईआर से निकालने के लिए गुपचुप तरीके से छह हजार रुपये ले लिए।
इसी बीच दरोगा और किसान के बीच लेनदेन की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पीड़ित किसान ने भी वीडियो बयान जारी कर दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए। मामला तूल पकड़ने पर एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने निघासन क्षेत्राधिकारी शिवम कुमार को जांच सौंपी।
सीओ ने जांच के दौरान किसान के बयान और नाबालिग पर दर्ज रिपोर्ट के तथ्यों की पड़ताल कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी। रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने पर एसपी ने दरोगा मोहित कुमार को निलंबित कर दिया है।