भारत विकास परिषद की लखीमपुर शाखा का हुआ अधिष्ठापन समारोह
भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता वाले भारत वर्ष ने पूरी दुनिया को ज्ञान और विज्ञान दिया है। इसलिए प्राचीनकाल से यह विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित रहा है। दुनिया के सबसे पहले विश्वविद्यालय नालंदा और तक्षशिला भारत में स्थापित हुआ। इसमें न केवल भारत वर्ष अपितु विश्व भर के विद्यार्थियों ने ज्ञान अर्जित किया। वह भारत भारत विकास परिषद की लखीमपुर शाखा के अधिष्ठापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महेंद्र सिंह, परिषद के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री डॉ. आरवी श्रीवास्तव, अवध प्रांत अध्यक्ष पवन अग्रवाल और विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप जलाकर किया। माधव चिल्ड्रन एकेडमी की शिक्षिकाओं ने वंदे मातरम् और अजमानी पब्लिक स्कूल के रोहित ने गणेश वंदना प्रस्तुत की।
अवध प्रांत अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने नवीन कार्यकारिणी के अध्यक्ष हरि प्रकाश त्रिपाठी, उपाध्यक्ष सतीश टंडन, ललित अग्रवाल, आरपी रस्तोगी, मानवेंद्र सिंह कोषाध्यक्ष छोटेलाल, महिला संयोजिका किरन गुप्ता, संरक्षक ओपी श्रीवास्तव, अनिल शुक्ला, विनोद तोलानी, संजय अग्रवाल और विनोद चोपड़ा को शपथ दिलाई।
इस मौके पर कृष्ण गोपाल शेखर, मदन मोहन अग्रवाल, डॉ. वाईवी चंद्र, डॉ.वीके वीके चोपड़ा, जगदीश चौरसिया को विकास मित्र के रूप में सम्मानित किया गया। प्रांतीय उपाध्यक्ष मदन लाल अग्रवाल ने परिषद में शामिल 15 सदस्यों रविकांत शुक्ला, डॉ. अजय पांडेय, पवन शुक्ला, विजय तोलानी, रमेश सिंह, राम आसरे, राजेश कुमार, अनिल सचदेवा, रमेश श्रीवास्तव, एसपी सिंह को सेवा का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के दौरान प्रथम स्मारिका का मुख्य अतिथि ने विमोचन किया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष हरिप्रकाश त्रिपाठी ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पेश की। संचालन प्रांतीय संयोजक शरद गुप्ता ने किया।