ममरी। मैलानी और गोला रेंज क्षेत्र में बाघ और तेंदुए की हो रही मौतों के मद्देनजर मोहम्मदी रेंज की ककरहा, आमला, महेशपुर, देवीपुर, सहजनिया बीट जंगल के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। सशस्त्र वनकर्मी और एसटीपीएफ के जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
रेंजर मोबिन आरिफ और डिप्टी रेंजर जगदीश वर्मा ने बताया कि 68000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले आंवला, ककरहा, महेशपुर, देवीपुर, सहजनिया बीट के जंगल में पिछले साल हुई गणना के मुताबिक वहां 17 बाघ और पांच तेंदुए मौजूद हैं, जो जंगल के आसपास शिकार की तलाश में घूमते रहते हैं। यह हिंसक वन्य जीव गन्ने की सीजन में रास्ता भटक कर गांव की आबादी के समीप पहुंचकर पालतू पशुओं को शिकार बना डालते हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैलना स्वाभाविक है।
ऐसे में बाघ-तेंदुआ की सुरक्षा कर पाना मुश्किल हो जाता है। शिकारी भी ऐसे मौके की तलाश में रहते हैं। बताया कि पिछले वर्ष जरा सी चूक होने पर शिवपुरी गांव के समीप देवीपुर बीट जंगल में एक बाघ की फंदे में फंसकर मौत हो गई थी, ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए, इसको ध्यान में रखते हुए बाघ प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। सशस्त्र वनकर्मी एसटीपीएफ जवान मोबाइल एप के जरिए कांबिंग कर संदिग्ध लोगों पर नजर रखे हैं। वन्यजीवों की चहलकदमी और लोगों की जंगल में घुसपैठ पर नजर रखने के लिए जैतीपुर जंगल में वॉच टावर बनाया गया है, वहां भी सशस्त्र वन कर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।