हत्यारोपी मां-बेटी सहित
तीन लोगों को उम्रकैद
रिश्ते का कत्ल: जालसाजी से लिखाया मकान फिर जलाकर मार डाला
जालसाजी से मौसेरी बहन का मकान हथियाने और बाद में उसकी हत्या करने के मामले में अपर जिला जज हाजी अशरफ अंसारी ने हत्यारोपी मां, बेटी सहित तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सजा सुनाने के साथ ही तीनों आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया है। जबकि हत्यारोपी राजीव वर्मा को जालसाजी के मामले में भी शामिल पाते हुए पांच साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना अलग से लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि मैलानी थाना क्षेत्र के गांव नगरिया की रहने वाली धनदेवी ने कस्बा गोला के सर्वोदय नगर कॉलोनी में मकान बनवाया था, जहां उसका मौसेरा भाई राजीव कुमार वर्मा भी किराए पर रहता था, रिश्तेदारी होने के कारण राजीव वर्मा ने धनदेवी से आधा मकान खरीदने की बातचीत की थी लेकिन जालसाजी करते हुए 18 अप्रैल 2012 को पूरे मकान की लिखापढ़ी करा ली।
आरोप है कि जब धनदेवी ने इसका विरोध किया और शिकायतें करना शुरू कर दिया तो 21 अप्रैल 2012 को राजीव वर्मा ने अपनी मां रंपा देवी और बहन ऊषा देवी के साथ मिलकर धनदेवी को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। शोर गुल होने पर पड़ोसियों ने जख्मी हालत में धनदेवी को अस्पताल पहुंचाया वहां इलाज के दौरान लखनऊ सिविल अस्पताल के लिए रेफर किया गया। सात मई को धनदेवी ने पूरी घटना के बारे में मृत्युपूर्व बयान अंकित कराए। इलाज के दौरान ही 27 मई 2012 को उसकी मौत हो गई। अदालत में अभियोजन केस साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने मानिक चंद, शेर सिंह, रघुबर सिंह, डॉ. नीरज शेखर, एसएचओ अशोक कुमार सिंह और नायब तहसीलदार चौधरी लाल की गवाही अदालत में दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई भी दलील नहीं लगने दी।
अदालत ने तीनों हत्यारोपियों को धनदेवी की हत्या के लिए दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है तथा तीनों पर दस दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, साथ ही अदालत ने राजीव वर्मा को जालसाजी के मामले में अलग से दोषी साबित पाया है जिसके लिए भी उसे पांच साल के कठोर करावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।