दुधवा नेशनल पार्क में बेहतर ग्रासलैंड, समुचित वन प्रबंधन के कारण शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। 2019 में दुधवा नेशनल पार्क में तीन चरणों में शाकाहारी वन्यजीवों की गणना हुई थी, जिसमें दुधवा, कतर्निया घाट और बफर जोन को अलग-अलग विभाजित कर विशेषज्ञों, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, डब्ल्यूटीआई समेत अन्य संस्थाओं के सहयोग से शाकाहारी वन्यजीवों के आंकड़े एकत्र किए गए थे। अब आगे होने वाली गणना में बंदर, लंगूर, भालू, सुअर समेत अन्य शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पार्क प्रशासन के मुताबिक, शाकाहारी की श्रेणी में आने वाले उत्तर प्रदेश के राजकीय पशु बारहसिंघा की यहां अच्छी तादाद बढ़ी है। इसको लेकर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और डब्ल्यूटीआई के सहयोग से पहले चरण में केवल बारहसिंघा की ही गणना होगी, लेकिन अन्य वन्यजीवों की संख्या में इजाफा होने के भी आसार हैं।
2019 में यह थी शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या
2019 में हुई गणना के मुताबिक, दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र में 23 हजार 754 बंदर, दो हजार 538 बारहसिंघा, 14 हजार 413 सुअर और 12 हजार 560 लंगूर समेत अन्य वन्यजीव थे। दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद अब इनकी संख्या में और बढ़ोतरी होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पहले चरण में केवल बारहसिंघा की ही गणना कराने की योजना बनाई गई है। बाकी शाकाहारी वन्यजीवों की गणना के लिए उच्चाधिकारियों के अगले निर्देश के बाद योजना बनाकर उस पर काम किया जाएगा।
- मनोज कुमार सोनकर, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क