लखीमपुर खीरी। सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के तहत कोटेदारों (उचित दर व्रिकेताओं) के गोदाम तक सीधे एफसीआई गोदाम से अनाज की आपूर्ति करने की कवायद एक बार फिर से शुरू हुई है।
कुछ माह पहले मितौली ब्लॉक को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया था, जिसमें एक माह एफसीआई गोदाम से कोटेदारों की दुकान पर अनाज भेजा गया था। अब शासन ने सभी ब्लॉकों में कोटेदारों के गोदाम तक अनाज पहुंचाने के लिए सिंगल स्टेज डिलीवरी व्यवस्था लागू के आदेश जारी किए हैं, जिसके लिए संभागीय खाद्य नियंत्रक की देखरेख में टेंडर प्रक्रिया कर परिवहन ठेकेदार की नियुक्ति की जाएगी।
जनपद में करीब 1500 उचित दर राशन की दुकानें संचालित हैं, जिनमें करीब दो साल से सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू करने की कवायद जारी है। वर्तमान में प्रभावी दो स्तरीय परिवहन हैंडलिंग नीति से अनाज के ब्लॉक गोदामों से कम तौल प्राप्त होने, डायवर्जन व कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्त होने के चलते शासन ने अब पूरी तरह सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू करने का मन बना लिया है, जिसके संबंध में प्रमुख सचिव ने शासनादेश जारी कर शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।
डोर स्टेप डिलीवरी के तहत कोटेेदारों का समूह इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि उनका आवंटन एक ट्रक लोड के माध्यम से भेजा जा सके। ट्रक एक ही रास्ते में पड़ने वाली दुकानों को अनाज वितरित करते हुए अंतिम पड़ाव तक पहुंचेगा। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी कोटेदारों का समूह तैयार कर अनाज भेजने के लिए रोस्टर बनाएंगे। प्रत्येक दुकान पर अधिकतम दो बार में अनाज (गेहूं और चावल) पहुंचाया जाएगा।
एफसीआई गोदाम से कोटेदारों के गोदाम तक अनाज पहुंचाने वाले ट्रक जीपीएस सिस्टम से लैस होंगे। जीपीएस युक्त ट्रैकिंग सिस्टम को खाद्य आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम के साथ जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। अनाज ढोने वाले वाहनों पर राज्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अनाज बड़े शब्दों में लिखा जाएगा और टोल फ्री नंबर भी अंकित किया जाएगा।
लाभार्थियों की चार हजार से अधिक यूनिट होने पर बनेगी नई दुकान
शासनादेश में कहा गया है कि किसी दुकान में लाभार्थियों की चार हजार यूनिट से अधिक यूनिट होने की स्थिति में नई उचित दर दुकान बनाई जाएगी, जिससे दोनों दुकानों में समान रूप से यूनिट संबद्घ किए जाएंगे। संकरी गलियों में स्थित दुकानों को भी आसानी से वाहन पहुंचने वाले स्थानों पर शिफ्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतें, नगर पंचायतें, नगर पालिका परिषदें अपने आर्थिक स्रोतों या मनरेगा से राशन की दुकानों का निर्माण कराएंगी, जिनका क्षेत्रफल 225 वर्ग फीट रहेगा। ताकि निरीक्षण के समय बोरों की आसानी से गिनती कराई जा सके। दुकान के सामने 100 वर्ग फीट का बरामदा भी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जो लाभार्थियों के लिए प्रतीक्षा क्षेत्र (वेटिंग एरिया) के रूप में उपयोग किया जाएगा।
ब्लॉक स्तरीय गोदाम किराएदारी से होंगे मुक्त
सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था लागू होने पर सभी ब्लॉक स्तरीय गोदाम किराएदारी से मुक्त कर बंद कर दिए जाएंगे। जनपद में एसएफसी ने ब्लॉकों में गोदाम स्थापित कर रखें हैं, जिनके माध्यम से अभी तक कोटेदारों को अनाज की आपूर्ति होती है। डेड स्टॉक समेत अन्य अपरिहार्य कार्यों के लिए जिला स्तर पर एक से दो गोदाम रखे जा सकेंगे।
जिला एवं तहसील स्तरीय कमेटी प्रतिमाह करेगी समीक्षा
नई व्यवस्था लागू होने पर जिला एवं तहसील स्तरीय कमेटी प्रत्येक माह अनाज आपूर्ति की समीक्षा करेगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी के कार्यालय में कंट्रोल रूम खोला जाएगा। निर्धारित समयावधि में कोटेदार को संपूर्ण मात्रा एवं गुणवत्ता का अनाज न देने की शिकायत पर संबंधित परिवहन ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तर पर डीएम और तहसीलों में एसडीएम की अगुवाई में कमेटी बनाई जाएंगी।
सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू होने से अनाज चोरी व कालाबाजारी की घटनाएं रुकेंगी। कोटेदारों तक समय से अनाज की आपूर्ति पहुंचेगी। एफसीआई गोदाम से अनाज लेकर जाने वाले वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से निगरानी की जाएगी। यदि कोई कोई परिवहन ठेकेदार गड़बड़ी करता है तो वह तुरंत पकड़ा जाएगा।
- विजय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी