डॉयट से बेसिक शिक्षा के आठ शिक्षकों के रिलीव होने के बाद व्यवस्था बिगड़ गई है। वजह है कि डॉयट में छह वरिष्ठ प्रवक्ता और 17 प्रवक्ता के पद हैं। इनके सापेक्ष यहां सिर्फ एक वरिष्ठ प्रवक्ता और एक प्रवक्ता बचे हैं, जिससे 540 प्रशिक्षु शिक्षकों का प्रशिक्षण ठप हो गया है। सोमवार को कक्षों में प्रशिक्षक नहीं पहुंचे, जिससे कुछ देर तो प्रशिक्षणार्थियों ने किताबें खोलकर पढ़ाई की, लेकिन बाद में यहां हंसी ठिठोली ही होती रही। अधिकांश प्रशिक्षणार्थी और स्टाफ गुनगुनी धूप का लुत्फ उठाते रहे।
मालूम हो कि बेसिक शिक्षा विभाग के आठ शिक्षक मौखिक आदेश से डॉयट में संबद्ध थे। बीएसए डॉ. ओपी राय ने उनका वेतन रोक दिया था, जिससे सभी संबद्ध शिक्षकों ने खुद को 22 दिसंबर को यहां से रिलीव करा लिया था। 23 दिसंबर से ही ईदमिलादुन्नवी और क्रिसमस डे के कारण छुट्टी हो गई थी। सोमवार को डॉयट खुलते ही प्रशिक्षणार्थी आ गए, लेकिन कक्षों में प्रवक्ता अथवा प्रशिक्षक नहीं पहुंचे। कुछ देर तो सब ठीक चला, लेकिन बाद में प्रशिक्षणार्थी नजाकत भांप कक्षों से बाहर निकलकर हंसी ठिठोली ही करते रहे। स्टाफ और प्रशिक्षणार्थी गुनगुनी धूप का भी लुत्फ उठाते देखे गए। कुल मिलाकर डॉयट में स्टाफ के अभाव से प्रशिक्षण कार्य ठप हो गया है।
एक प्रवक्ता तो चुनाव
ड्यूटी में ही चल रहे
डॉयट के प्रवक्ता राजनरायन वर्मा पंचायत चुनाव की ड्यूटी में लगे हैं। पिछले दो महीने से चुनाव ड्यूटी कर रहे राजनरायन अभी भी चुनाव कार्य में व्यस्त हैं। इस तरह डॉयट में सिर्फ एक वरिष्ठ प्रवक्ता ही बचे हैं।
इस समय यह हो रहे हैं प्रशिक्षण
बीटीसी (2013) 182
अवशेष बीटीसी (2013) 016
प्रशिक्षु शिक्षक 157
बीटीसी (2014) 185
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कुल प्रशिक्षणार्थी 540
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तो जल्दी नहीं मिल पाएंगे डॉयट का बेसिक शिक्षक
डॉयट प्राचार्य डॉ. मीरा त्रिपाठी ने बीएसए डॉ. ओपी राय से चार पुरुष और चार महिला शिक्षकों को डॉयट से संबद्ध करने के लिए पत्र लिखा है। डॉयट प्राचार्य को उम्मीद है कि बेसिक शिक्षक संबद्घ होने के बाद व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगे, जबकि बीएसए का कहना है कि अभी उन्हें पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते ही वह विचार करेंगे। इससे तो यही प्रतीत होता है कि डॉयट को बेसिक शिक्षक जल्दी नहीं मिल पाएंगे।