बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के (एनडीआरएफ) सहयोग से जिला प्रशासन की टीम मिलपुरवा स्थित बाढ़ चौकी परिसर में सोमवार को अपराह्न दो बजे से वृहद स्तर पर मॉकड्रिल करेगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। कई कार्यों के लिए आठ अधिकारियों को नामित कर दायित्व सौंपे गए हैं। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रोशन सिंह असवाल के नेतृत्व में 35 जवानों का दल रविवार को खीरी पहुंचा है।
जिले में बरसाती सीजन के दौरान आने वाली बाढ़ से तराई की चार तहसीलें लखीमपुर, धौरहरा, निघासन और पलिया सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। पहली बार जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों को बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे पूर्व इस तरह का प्रशिक्षण या मॉकड्रिल नहीं किया गया था। केंद्र सरकार के आदेश पर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण ने करीब एक सप्ताह पहले से ही मॉकड्रिल को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी। रविवार को एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रोशन सिंह असवाल, एडीएम एसपी सिंह और एसडीएम सदर आलोक वर्मा ने मॉकड्रिल से पूर्व तैयारी के संबंध में चर्चा की, जिसके बाद मिलपुरवा स्थित बाढ़ चौकी परिसर का जायजा लिया।
ये बने पर्यवेक्षक
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बलवीर सिंह को इमर्जेंसी आपरेशन सेंटर, पीडी डॉ. दिनेश सिंह को रिलीफ शेल्टर, डीआईओएस ओपी गुप्ता को इंसीडेंट कमांड पोस्ट, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रियंका अवस्थी को आपरेशन सेक्शन, एआईजी स्टांप को प्लानिंग सेक्शन, जिला प्रोबेशन अधिकारी को लाजिस्टिक सेक्शन, डीएसटीओ को स्टेगिंग एरिया और उप मुख्य चिकित्साधिकारी को मेडिकल ऐड पोस्ट का पर्यवेक्षक बनाया गया है।