ममरी। थाना हैदराबाद क्षेत्र में गुरुवार तड़के आबादी में घुसे बाघ ने पशुशाला में बंधी गाय पर हमला कर दिया और उसे खींच कर गन्ने के खेत में ले गया। कुछ देर बाद गाय का अधखाया शव खेत से बरामद हुआ। इससे ग्रामीणों में बाघ की दहशत है। किसान भी सुबह और शाम खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। बाघ के हमले की पुष्टि मौके पर पहुंची वन कर्मियों की टीम ने भी की है।
गुरुवार अलसुबह घने कोहरे के बीच गन्ने के खेतों में विचरण करते हुए बाघ गांव लीलापुर की आबादी में घुस आया और राधेश्याम की पशुशाला में बंधी गाय पर हमला कर उसे गांव के दक्षिण में स्थित गन्ने के खेत में खींच ले गया। और मार डाला। गाय के रंभाने पर जागे ग्रामीणों ने शोर मचाया तो बाघ अधखाया शव छोड़कर कठिना नदी की ओर चला गया। गांव वालों का कहना है कि इससे पहले बाघ ने गांव के समीप एक नीलगाय और एक बछड़े को मार डाला था। बाघ के लगातार हो रहे हमलों से लीलापुर, पन्नापुर, जमुनहा खेड़ा के ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीणों की सूचना पर गांव पहुंचे महेशपुर रेंज के फॉरेस्टर रोहित श्रीवास्तव, नरेंद्र वर्मा, लालू वर्मा, राधेश्याम, मिठाई लाल आदि वन कर्मियों ने बाघ के हमले, गाय का शव मिलने की पुष्टि कर बताया कि मिले पगचिह्नों के आधार पर बाघ कठिना नदी की ओर चला गया है, जिसकी निगरानी की जा रही है। वहीं गांव वालों का कहना है कि बाघ अभी भी गन्ने के खेत में है, जिससे लोग खेतों की ओर जाने से घबरा रहे हैं। इस कारण गन्ने की छिलाई भी रुकी चल रही है।
लीलापुर के राधेश्याम की गाय पर बाघ के हमले की सूचना मिली थी। वन कर्मियों की टीम मौके पर भेजी गई, जो गन्ने के खेत के आसपास पेट्रोलिंग कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देकर निगरानी में लगी है।
- मोबीन आरिफ, रेंजर मोहम्मदी महेशपुर रेंज
ग्रामीणों को बताए बाघ से बचाव के उपाय
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के लीलापुर गांव में गुरुवार सुबह गाय पर बाघ का हमला होने के बाद महेशपुर रेंज के वन कर्मियों ने पड़ोसी गांव बिहारीपुर में ग्रामीणों के साथ बैठक की। फॉरेस्टर रामनरेश वर्मा ने कहा कि शीतलहर और कोहरे के कारण बाघ के हमले बढ़ रहे हैं। ऐसे में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। फॉरेस्टर जगदीश वर्मा ने बताया कि कोहरे में गन्ने की छिलाई हांका लगाकर समूह में करें। साथ ही पालतू कुत्तों को साथ रखें। रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि गन्ना बाहुल्य क्षेत्र होने की वजह से बाघ गन्ने के खेतों में शिकार की तलाश में घूम रहा है। हो सके तो पालतू पशुओं, बच्चों को जंगल से सटे खेतों में न जाने दें। बाघ की आहट मिलने पर सूचना वन कर्मियों को दें। बैठक में मिठाई लाल, नरेंद्र वर्मा, लालू आदि वनकर्मी और ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद