समाधान दिवस में शिकायत करने आया था पीड़ित
सीओ, एसडीएम ने लगाई फटकार, दरोगा को भगाया
योगी सरकार में समाधान दिवस में फरियादी के तमाचा मारने से हड़कंप मच गया। मारपीट की शिकायत लेकर समाधान दिवस में आए गांव मटहिया निवासी कमाल अहमद का कसूर इतना था कि वह कुर्सी पर बैठ गया था। वहां से गुजरे ढखेरवा चौकी इंचार्ज को उसने निकलने की जगह नहीं दी। इससे गुस्साए चौकी इंचार्ज ने उसे कई थप्पड़ जड़ दिए। इससे वहां हड़कंप मच गया। अधिकारी भी सन्न रह गए। मौके पर मौजूद सीओ प्रीती त्रिपाठी और एसडीएम मंशाराम ने चौकी इंचार्ज को जमकर फटकार लगाई और समाधान दिवस से भगा दिया।
भाजपा की सरकार बनने पर पुलिस की कार्यशैली में कुछ बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन समाधान दिवस में तमाचा जड़ने से पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लग गया। शनिवार को थाने में समाधान दिवस था, जिसमें सीओ प्रीती त्रिपाठी और एसडीएम मंशाराम भी मौजूद थे। कोतवाल के न होने पर चौकी इंचार्ज ढखेरवा एनके यादव, झंडी चौकी इंचार्ज राजबली सिंह, पढुआ चौकी इंचार्ज विपिन यादव बैठे थे। गांव मटहिया निवासी कमाल अहमद की पड़ोसियों से शुक्रवार को मारपीट हो गई थी। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की थी। कमाल ने बताया कि जिन लोगों ने मारपीट की थी उन्हीं लोगों ने मिलकर उसके पिता अशरफ की दो साल पहले हत्या कर दी थी। कार्रवाई न होने पर वह अपनी मां रब्बीन निशां, समीम, कमाल थाने में दुबारा शिकायत लेकर आए थे। वह तहरीर देने के लिए समाधान दिवस में खड़ा था। छोटे से बरामदे में सीओ, एसडीएम और कानूनगो के अलावा कुछ अन्य लोग बैठे थे। एसडीएम ने पीछे खड़े अन्य फरियादियों को बुलाया। जगह न होने के कारण एनके यादव अपनी कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। कुर्सी खाली देखकर कमाल कुर्सी पर बैठ गए। अपनी कुर्सी पर बैठा हुआ देखकर चौकी इंचार्ज नाराज हो गए। उसने कमाल को कुर्सी से उठाते हुए कई तमाचे जड़ दिए। इससे वहां हड़कंप मच गया। कई फरियादी बिना शिकायत किए ही मौके से चले गए। सीओ और एसडीएम भी सन्न रह गए। दरोगा की इस करतूत से नाराज सीओ और एसडीएम ने दरोगा को पास बुलाकर कड़ी फटकार लगाई और समाधान दिवस से भगा दिया। दरोगा की इस हरकत का मौजूद राजस्व निरीक्षक प्रताप सिंह और अन्य लोगों ने भी विरोध किया।
मैंने दरोगा को फटकार लगाई है। दरोगा की यह हरकत बेहद शर्मनाक है। मामले की रिपोर्ट एसपी को भेजी जाएगी।- प्रीती त्रिपाठी सीओ, निघासन
समाधान दिवस में अपने अधिकारियों के सामने दरोगा का व्यवहार अनुशासनहीनता के तहत आता है। मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। पढ़ा लिखा न होने के कारण वह कुर्सी पर बैठ गया था। उसे समझाना चाहिए था। तमाचा मारना गलत है। - मंशाराम, एसडीएम
कमाल छेड़छाड़ का आरोपी था। वह कुर्सी पर बैठ गया था। यह गलत है। इसीलिए उसको नसीहत देने के लिए तमाचा मारा था।
- एनके यादव आरोपी चौकी इंचार्ज
सीओ ने मामले की जानकारी नहीं दी है। फरियादी को थप्पड़ मारना बेहद गंभीर बात है। सीओ की रिपोर्ट आने पर चौकी इंचार्ज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी